डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार रात 8:07 बजे अचानक धरती हिल उठी, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई। भूकंप के ये तेज झटके महसूस होते ही घबराए हुए लोग अपने घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से बाहर सड़कों पर निकल आए।
भूकंप का समय व तीव्रता: जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई है।
भूकंप का केंद्र: इस झटके का केंद्र बसूंगा के जंगलों में जमीन से 11 किलोमीटर नीचे स्थित था।
चार दिन में दूसरी घटना: राज्य में पिछले चार दिनों के भीतर भूकंप आने की यह दूसरी बड़ी घटना है, जिससे लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे पहले बीते मंगलवार रात करीब 10:23 बजे चमोली जनपद में 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।
1991 के विभीषिका की यादें ताजा
भूवैज्ञानिक दृष्टिकोण से उत्तरकाशी बेहद संवेदनशील जोन (जोन चार और पांच) में आता है। इस क्षेत्र के लोगों के जेहन में 20 अक्टूबर 1991 की रात आए उस 6.1 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप की कड़वी यादें आज भी ताजा हैं, जब बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था। आंकड़ों के मुताबिक, उस आपदा से 1,294 गांव प्रभावित हुए थे, जिसमें 700 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और पांच हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे। तब से लेकर अब तक यहां सौ से अधिक छोटे-बड़े भूकंप आ चुके हैं, जो हर बार स्थानीय निवासियों को डरा देते हैं।

