डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर डिवीजन के अंतर्गत बागदेही और झारसुगुड़ा के बीच चौथी लाइन के कमिश्निंग और यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक ब्लॉक का निर्णय लिया है। इसके अलावा, चक्रवाती तूफान के असर के कारण भी कुछ ट्रेनों के परिचालन पर प्रभाव पड़ा है।
रद्द रहने वाली प्रमुख ट्रेनें
1 से 3 नवंबर तक: राउरकेला-झारसुगुड़ा-राउरकेला मेमू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस और हटिया-झारसुगुड़ा एक्सप्रेस पूरी तरह रद्द रहेंगी।
2 से 4 नवंबर तक: झारसुगुड़ा-हटिया एक्सप्रेस का परिचालन बंद रहेगा।
अन्य विशेष तिथियां
तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस (2 नवंबर) और रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस (5 नवंबर) नहीं चलेंगी।
मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस (31 अक्टूबर) और सूरत-मालदा टाउन एक्सप्रेस (2 नवंबर) निरस्त रहेंगी।
इसके अलावा राउरकेला-पुरी, भुवनेश्वर-राउरकेला, हावड़ा-कांटाबांजी इस्पात और राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें भी अलग-अलग तिथियों पर रद्द की गई हैं।
ट्रेनों के मार्ग में बदलाव
कुछ चुनिंदा ट्रेनों को उनके निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्गों से चलाया जाएगा।
झारसुगुड़ा-इब के स्थान पर अब ट्रेनें कटक-संबलपुर सिटी-झारसुगुड़ा के रास्ते गंतव्य तक पहुंचेंगी।
वापसी में योग नगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस अपने नियमित मार्ग (झारसुगुड़ा-टाटानगर-हिजली-भद्रक-कटक) के बजाय परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी।
रेलवे फाटकों पर दो दिनों तक रहेगी बंदी
टाटानगर-हल्दीपोखर खंड के बीच स्थित करनडीह और भुरुडीह रेलवे फाटकों पर मशीन मेंटेनेंस का काम किया जाएगा, जिसके चलते ये दोनों फाटक दो दिनों तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगे।
करनडीह फाटक: 31 अक्टूबर की रात 10 बजे से 1 नवंबर की सुबह 06 बजे तक तथा 1 नवंबर की रात 10 बजे से 2 नवंबर की सुबह 06 बजे तक बंद रहेगा।
भुरुडीह फाटक: 30 अक्टूबर की रात 10 बजे से 31 अक्टूबर की सुबह 06 बजे तक तथा 31 अक्टूबर की रात 10 बजे से 1 नवंबर की सुबह 06 बजे तक बंद रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के लिए आरपीएफ को निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे की अपील: रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की लाइव स्थिति और शेड्यूल की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

