झाझा से इस वक्त की बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है, जहां प्रखंड पशु चिकित्सक नरेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। कार्य में कथित अनियमितता, लापरवाही और खराब व्यवहार को लेकर स्थानीय लोगों और गौशाला समिति ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को झाझा कृष्ण गौशाला के उपाध्यक्ष सूरज वर्णवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग झाझा प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय के सामने इकट्ठा हुए और पुतला दहन कर नारेबाजी की।
🔹 फोन नहीं उठाने और इलाज में लापरवाही का आरोप

गौशाला उपाध्यक्ष सूरज वर्णवाल ने आरोप लगाया कि पशु चिकित्सक फोन कॉल का जवाब नहीं देते और अगर कभी उठाते भी हैं तो उनका व्यवहार ठीक नहीं रहता। कई बार बुलाने के बावजूद वे गौशाला में बीमार गायों का इलाज करने नहीं आते, जिससे पशुओं की हालत और खराब हो जाती है।
🔹 दवाइयों में गड़बड़ी के गंभीर आरोप

गौशाला समिति के सदस्य प्रशांत कुमार सुल्तानिया ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी दवाइयां जरूरतमंद पशुओं तक नहीं पहुंच रही हैं। उनका आरोप है कि दवाइयों को बाजार में बेचकर निजी लाभ उठाया जा रहा है, जिससे सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
🔹 पशु चिकित्सक ने आरोपों को किया खारिज

वहीं, प्रखंड पशु चिकित्सक नरेंद्र कुमार सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वे समय-समय पर गौशाला का दौरा करते हैं और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार दवाइयां भी दी जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दवाइयों की आपूर्ति सीमित है, लेकिन मांग के अनुसार देने की कोशिश की जाती है।
🔹 अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
पूरे मामले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सच्चाई क्या है। क्या वाकई लापरवाही हो रही है या यह केवल आरोप-प्रत्यारोप है? अब नजर प्रशासन पर है कि वह निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाए और आवश्यक कार्रवाई करे।

