पाटन: पाटन वन क्षेत्र के कुन्दरी जंगल में बड़े पैमाने पर बीड़ी पत्ता तोड़े जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जंगलों से लगातार बीड़ी पत्ता की तुड़ाई की जा रही है, लेकिन वन विभाग के अधिकारी और कर्मी इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार वन विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष बीड़ी पत्ता तोड़ने और खलिहान निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जिस क्षेत्र का टेंडर स्वीकृत होता है, वहां से पत्ता नहीं तोड़कर दूसरे जंगलों से भी बीड़ी पत्ता का संग्रह किया जाता है। इससे वन संपदा को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में कुन्दरी जंगल से बीड़ी पत्ता तुड़वाकर खरौंधा स्थित जिजोई नदी के किनारे खलिहान बनाया गया है। लोगों का दावा है कि संबंधित क्षेत्र के लिए कोई वैध टेंडर स्वीकृत नहीं हुआ है। ऐसे में बीड़ी पत्ता की तुड़ाई और संग्रहण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले को लेकर जब वन विभाग के कर्मियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो वे यह स्पष्ट नहीं कर सके कि पाटन वन क्षेत्र के किन-किन जंगलों का टेंडर स्वीकृत हुआ है और किन क्षेत्रों से बीड़ी पत्ता तोड़ने की अनुमति दी गई है। विभागीय स्तर पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से ग्रामीणों के बीच संदेह और बढ़ गया है।

