मिथिलांचल के लोगों को बड़ा तोहफा, CBSE पाठ्यक्रम में मैथिली शामिल, सीएम सम्राट ने पीएम मोदी का जताया आभार

Neelam
By Neelam
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मिथिलांचल के लोगों के लिए बड़ी खबर है। बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भाषाई गौरव और सदियों पुरानी पहचान को लेकर केन्द्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अब मैथिली भाषा को अपने सिलेबस में शामिल कर लिया है। अब पहली से आठवीं कक्षा तक मैथिली भाषा में पढ़ाई करने का मौका मिल सकेगा।केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपार खुशी व्यक्त की है।

शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने पत्र लिखकर दी जानकारी

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने इस संबंध में सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर को पत्र भेजकर जानकारी दी है। मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर द्वारा मैथिली भाषा को CBSE पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग को शिक्षा मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) से जांच कराई गई, जिसमें बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कक्षा 5 तक तथा संभवतः कक्षा 8 तक विद्यार्थियों को मातृभाषा में शिक्षा देने की अनुशंसा की गई है।

मैथिली भाषा का सिलेबस भी जारी

CBSE ने मंत्रालय को सूचित किया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मैथिली विषय को माध्यमिक स्तर तक CBSE पाठ्यक्रम में पूरी तरह से शामिल कर दिया गया है। इसके साथ ही, मैथिली भाषा का विस्तृत पाठ्यक्रम भी सीबीएसई की आधिकारिक अकादमिक वेबसाइट पर लाइव कर दिया गया है।

सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी का जताया आभार

इस फैसले के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिखा, ‘मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मातृभाषा मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में सशक्त स्थान दिलाने की दिशा में लिया गया यह निर्णय ऐतिहासिक एवं अत्यंत स्वागतयोग्य है। सीबीएसई के पाठ्यक्रम में कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता मिलना मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता और भाषाई गौरव के लिए गर्व का विषय है।’

सांसद गोपाल जी ठाकुर लंबे समय से कर रहे थे मांग

बता दें कि दरभंगा के बीजेपी सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर लंबे समय से मैथिली भाषा को सीबीएसई के पाठ्यक्रम में शामिल कराने की मांग उठा रहे थे। उनके द्वारा फरवरी 2026 में सौंपे गए विशेष प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी की उच्च स्तरीय जांच के बाद आखिरकार इस मांग को पूर्ण रूप से हरी झंडी दे दी गई। इस फैसले के बाद अब सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले मिथिलांचल के लाखों बच्चे अपनी मूल मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।

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