बीजेपी के पूर्व विधायक राजू सिंह को बड़ी राहत, दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा पर लगाई रोक

Neelam
By Neelam
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बिहार के पूर्व बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2018 के चर्चित हर्ष फायरिंग मामले में सुनाई गई चार साल की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी। 2018 में न्यू ईयर पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में महिला अर्चना गुप्ता की मौत हो गई थी। इस मामले में राजू कुमार सिंह की 4 साल की सजा हुई थी, जिसे हाई कोर्ट ने निलंबित कर दिया है।

कोर्ट ने रिहा करने का आदेश जारी किया

जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने 27 जुलाई को उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया। कोर्ट ने राजू सिंह को 25 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतने ही मुचलके की एक लोकल ज़मानत पर राहत दी है। साथ ही उन्हें पीड़ित परिवार के लिए 25 लाख रुपये मुआवजे की राशि अदालत में जमा करने का भी निर्देश दिया गया। इससे पहले निचली अदालत ने उन्हें गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट में दोषी ठहराते हुए 4 साल 2 महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी।

बचाव पक्ष की दलील पर हाई कोर्ट से राहत

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना के समय सुरक्षा गार्ड ने भी राइफल से फायरिंग की थी। फोरेंसिक रिपोर्ट भी यह साफ नहीं कर पाई कि पीड़ित को लगी गोली विधायक की पिस्टल से चली थी या गार्ड की राइफल से। इसके अलावा कई अहम गवाह अदालत में अपने बयानों से मुकर गए और किसी ने भी सीधे तौर पर विधायक पर आरोप नहीं लगाए। हाईकोर्ट ने माना कि इस अपील पर निकट भविष्य में अंतिम सुनवाई की संभावना बेहद कम है, इसलिए सजा पर रोक लगाना उचित है।

क्या है पूरा मामला

यह घटना 31 दिसंबर 2018 की रात (न्यू ईयर पार्टी) दक्षिण दिल्ली स्थित राजू सिंह के फार्महाउस पर हुई थी। पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में एक गोली मेहमान के रूप में आई महिला अर्चना गुप्ता (45 वर्ष) को लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले को लेकर 4 जुलाई 2019 को निचली अदालत के विशेष जज विशाल गोगने ने राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 पार्ट-2 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत 4 साल और आर्म्स एक्ट के तहत 2 महीने की सजा सुनाई थी। 2 साल से अधिक की सजा होने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता भी रद्द हो गई थी।

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