नीट परीक्षा पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) और राष्ट्रीय युवा आंदोलन ने आज ‘बिहार बंद’ बुलाया है। बंद का राज्यव्यापी असर देखने को मिल रहा है। इस बंद को वामदलों के साथ ही मुख्य विपक्षी दल राजद (आरजेडी) और कांग्रेस का भी पूरा समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा विकासशील इंसान पार्टी आदि ने समर्थन दिया है। जिसके चलते सुबह से ही राज्य के विभिन्न जिलों में प्रदर्शनकारी सड़कों और रेल पटरियों पर उतर आए हैं।
पटना में सुरक्षा एजेंसियों की विशेष नजर
राजधानी पटना में सभी संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर सुरक्षा एजेंसियों की विशेष नजर है। डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, करगिल चौक, कोतवाली टी-पॉइंट, इनकम टैक्स चौराहा, वीरचंद पटेल पथ, अशोक राजपथ, राजवंशी नगर, आशियाना और मुख्यमंत्री आवास के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। जेपी गोलंबर पर वाटर कैनन के साथ करीब 200 जवानों की विशेष तैनाती की गई है। स्थानीय पुलिस के अलावा CISF, BSF, SSB और CRPF के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। विधानसभा, पटना जंक्शन, एयरपोर्ट, राजेंद्र नगर टर्मिनल और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है।
बंद से पहले ही पटना में एहतियातन 19 गिरफ्तार
बिहार बंद में वामदलों की भूमिका को देखते हुए एक दिन पहले यानी 24 जुलाई की शाम में पटना पुलिस ने भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ, AISA के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया। संदीप सौरभ को पुलिस ने उन्हें वीरचंद पटेल पथ स्थित उनके आवास से उठाया लिया था। इसके अलावा पटना पुलिस हॉस्टल में भी छापेमारी की थी। पटना डीएम ने स्पष्ट कहा है अशांति फैलाने वालों पर कार्रवाई करेंगे।
समस्तीपुर में सुबह से दिख रहा असर
राज्य के कुछ जिलों में सुबह से बंद का असर देखने को मिला है। समस्तीपुर में AISA और RYA के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और कई जगह आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। आम वाहनों की आवाजाही पर प्रदर्शनकारियों का डर साफ दिख रहा है।
कई जिलों में इंटरनेट बंद
बिहार बंद के आह्वान को लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब एक लाख पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। एहतियात के तौर पर पुलिसकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। वहीं, संभावित प्रदर्शन को देखते हुए पटना, औरंगाबाद समेत कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। मुजफ्फरपुर में इंटरनेट बंद है। बाकी जिलों में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

