Bihar: EOU के सवालों का जवाब नहीं दे पाईं बीमा भारती, विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में बढ़ सकतीं हैं मुश्किलें

Reena Sharma
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बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की पूर्व विधायक बीमा भारती से 2024 में विधायकों की खरीद-फरोख्त के एक मामले में पूछताछ की। बुधवार को ईओयू ने पूर्व मंत्री एवं राजद नेता बीमा भारती से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। आर्थिक अपराध इकाई से पूछताछ के बाद बिहार सरकार में पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल की नेत्री बीमा भारती ने नीतीश सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मैं गलत नहीं हूं, मुझे फंसाया जा रहा है। 

बीमा भारती से पूछताछ में कई अहम सवाल पूछे गए। ईओयू अधिकारियों ने अविश्वास प्रस्ताव के दिन उनकी लोकेशन पर सवाल उठाए। बीमा भारती ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल माता के दर्शन के लिए गई थीं। हालांकि जब उन्हें झारखंड में उनकी उपस्थिति के साक्ष्य दिखाए गए तो वे असहज नजर आईं। कई सवालों के जवाब उन्होंने दिए लेकिन कुछ सवालों को टाल गईं।

ईओयू कार्रवाई पर कर रही विचार

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ईओयू ने एक विज्ञप्ति में कहा कि भारती से चार घंटे तक पूछताछ हुई और वह कुछ प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर देने में विफल रहीं। इसमें कहा गया कि ईओयू मौजूदा प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई पर विचार कर रही है। हालांकि, पूछताछ के बाद बाहर निकलीं बीमा भारती ने इस मामले में साजिश का आरोप लगाया।

नीतीश सकार को अस्थिर करने के आरोप से इनकार

पूर्व विधायक बीमा ने कहा कि साजिश के तहत झूठा मुकदमा किया गया है। नीतीश सकार को अस्थिर मैंने नहीं किया। मुझे क्यों यह लोग फंसा रहे हैं? किस साजिश के तहत ऐसा कर रहे हैं कि मैं समझ नहीं पा रही हूं।उन्होंने यह भी बताया कि यह उनकी दूसरी नोटिस पर हाजिरी थी, पहली नोटिस की जानकारी उन्हें समय पर नहीं मिल पाई थी।

विश्वास मत से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला

बता दें कि ईओयू ने फरवरी 2024 में एनडीए सरकार द्वारा जीते गए विश्वास मत से पहले खरीद-फरोख्त के आरोपों की जांच कर रहा है। प्रमोद कुमार, संजय पटेल और सनी कुमार को विधायक सुधांशु शेखर के खरीद-फरोख्त के मामले में पूछताछ और उनके बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है। जनता दल यूनाइटेड के विधायक शेखर ने आरोप लगाया कि उन्हें राष्ट्रीय जनता दल में शामिल होने के लिए रिश्वत की पेशकश की गई थी, जिसने राजनीतिक उथल-पुथल के कारण सत्ता खो दी थी। इसी वजह से शक्ति परीक्षण की आवश्यकता पड़ी थी।

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