बिहार की नीतीश सरकार ने प्रदेश के 1.16 करोड़ सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है। लाभार्थियों की सुविधा के लिए अब हर महीने पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे और जो बुजुर्ग केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे, विभाग के कर्मी पेंशनभोगियों के घर जाकर उनके जीवित होने का सत्यापन करेंगे।

हर महीने पंचायत स्तर पर विशेष शिविर
सामाजिक कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया अब बहुत सरल कर दी गई है। प्रत्येक प्रखंड और पंचायत में महीने में एक बार शिविर लगाए जाएंगे। यदि कोई लाभार्थी शारीरिक अक्षमता या किसी अन्य कारण से शिविर में नहीं आ पाता है, तो विभाग की टीम उनके घर जाकर सत्यापन करेगी। साथ ही नाम, आधार कार्ड या अंगूठे के निशान में मिलान न होने जैसी समस्याओं के कारण किसी को भी पेंशन से वंचित नहीं किया जाएगा।
जीवन प्रमाणपत्र का सत्यापन निःशुल्क
विभाग की सचिव वंदना प्रेयशी ने कहा कि जीवन प्रमाणपत्र का सत्यापन कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि जो लाभार्थी सीएससी केंद्र तक पहुंचेंगे उनके लिए जीवन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया सीएससी केंद्र में ही पूरी कर ली जाएगी और यह निःशुल्क है।
अब तक 70 लाख लाभार्थियों का सत्यापन पूरा
वंदना प्रेयषी ने बताया कि वर्ष 2005 में पेंशन लाभार्थियों की संख्या केवल 12 लाख थी, जो अब बढ़कर 1.16 करोड़ हो गई है। वर्तमान में विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लगभग 3.5 करोड़ लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 70 लाख लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है।

