‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का जिक्र अभी जनता की जुबान से उतरा नहीं है। इसी बीच बिहार में एक ऐसा कैफे खुला है जो अपने अजीब नाम की वजह से चर्चा का विषय बन गया है। बिहार में ‘कॉकरोच’ नाम से एक कैफे खुला है। नालंदा के हिलसा बाइपास के पास शुरू हुए ‘कॉकरोच कैफे’ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच कैफे’ की चर्चा
‘कॉकरोच कैफे’ का नाम सुनते ही लोग हैरान हैं और सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें शेयर कर मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “अब अगर खाने में कीड़ा भी मिल जाए तो ग्राहक शिकायत भी नहीं कर पाएगा?”
अनोखे नाम से बना लोगों का पसंदीदा
सोशल मीडिया पर कई लोग लिख रहे हैं कि कैफे का नाम भले ही चौंकाने वाला है। कुछ लोग इसे शानदार मार्केटिंग रणनीति बता रहे हैं। हालांकि, कुछ बुजुर्गों ने इस नाम पर आपत्ति भी जताई है, लेकिन युवाओं के बीच यह कैफे तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अनोखे नाम की वजह से ये लोगों की पसंदीदा जगह बना रहा है।
कैसा है ‘कॉकरोच कैफे’
नालंदा जिले में ‘कॉकरोच कैफे’ अभी नया-नया ही खुला है। 27 जुलाई को इसकी अपोनिंग हुई थी। कैफे के अंदर कदम रखते ही ब्लैक थीम दिखाई देती है। टिन की छत पर पीली लटकन लाइटें, दीवारों पर आर्टिफिशियल बेल और फूल सजाए गए हैं। बैठने के लिए काले रतन के सोफे, लाल गद्दी और कांच की टेबल रखी गई है। एक कोने में पीली प्लास्टिक कुर्सी और छोटा फ्रिज है।
कैफे का नाम ‘कॉकरोच’ क्यों रखा?
कैफे के संचालक का कहना है कि, आज के युवाओं को अलग चीजें पसंद आती हैं। ‘रॉयल कैफे’ जैसे नाम सौ मिल जाएंगे, लेकिन ‘कॉकरोच कैफे’ सिर्फ एक ही है। उनका मकसद लोगों को हंसाना और आकर्षित करना है। नाम से लोग आएंगे और क्वालिटी से रुकेंगे। सोशल मीडिया के जमाने में बिना पैसे खर्च किए सिर्फ नाम से पब्लिसिटी मिल जाए तो बुरा क्या है?

