कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सोमवार भारत ने दूसरा गोल्ड मेडल जीत लिया। भारत की शर्मिला धनखड़ ने सोमवार को इतिहास रचते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पहला पैरा एथलेटिक्स गोल्ड मेडल जीत लिया। शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला शॉट पुट F57 वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐसा करने वाली बनी पहली भारतीय
फाइनल मुकाबले में शर्मिला ने छह प्रयासों में 9.48, 9.58, 9.81, 9.17, 9.37 और 9.60 मीटर का थ्रो किया। तीसरे प्रयास में किया गया 9.81 मीटर का थ्रो निर्णायक साबित हुआ और कोई भी प्रतिद्वंद्वी उनके इस प्रदर्शन को पीछे नहीं छोड़ सका। इसके साथ ही वह देश की पहली एथलिट बन गई, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड जीता हो। घाना की जिनाबु इसाह ने 8.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ सिल्वर मेडल जीता। वहीं भारत की शिल्पा ने 7.26 मीटर का थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
2 साल की उम्र में पोलियो की शिकार
हरियाणा के रेवाड़ी की इस पैरा एथलीट ने मुश्किलों को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया। पोलियो ने बचपन में कदम रोक दिए, घरेलू हिंसा ने जिंदगी को दर्द से भर दिया, लेकिन शर्मिला धनखड़ ने कभी हार मानना नहीं सीखा। 2 साल की उम्र में पोलियो का शिकार होने के बाद उन्होंने लंबे संघर्ष का सामना किया और निजी जीवन की चुनौतियों से निकलकर खेलों में अपनी अलग पहचान बनाई।
4 साल बाद पूरा किया सपना
2020 में उन्होंने कोच टेक चंद के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया और महज एक साल के भीतर 2021 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत लिया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में शर्मिला चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गई थीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। 4 साल बाद उसी मंच पर गोल्ड जीतकर साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प, परिवार का साथ और कड़ी मेहनत किसी भी मुश्किल को जीत में बदल सकती है।
पदक तालिका में भारत आठवें नंबर पर
छठे दिन ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पदक तालिका में भारत आठवें नंबर पर पहुंच गया है। दो स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदकों के साथ भारत कुल 10 पदकों के साथ अपने अभियान में आगे बढ़ रहा है। पदक तालिका में शीर्ष पर 26 स्वर्ण पदकों के साथ कुल 59 मेडल जीतने वाला देश ऑस्ट्रेलिया है।

