डीसी के कड़े तेवर: स्वास्थ्य विभाग की बैठक में अधिकारियों को लगाई फटकार, कहा-सुधारें व्यवस्था वरना होगी कार्रवाई

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, विभिन्न योजनाओं व स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने, संसाधनों के समुचित उपयोग और सेवाओं में गुणवत्ता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, ममता वाहन की उपलब्धता, लिंगानुपात, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिर्गी रोगियों की पहचान व इलाज, अस्पतालों में डायलिसिस, आईसीयू सुविधा, शिशु केयर युनिट, कुपोषण उपचार सहित तमाम स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।

टीकाकरण कार्य की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चत करने पर बल दिया। उन्होने शत प्रतिशत टीकाकरण के लिए घर-घर सत्यापन कर टीकाकरण कराने की बात कही। लिंगानुपात मामले की समीक्षा करते हुए जिला के दो सबसे कम लिंगानुपात वाले प्रखंड पटमदा (877) व घाटशिला (877) में प्रसव पूर्व लिंग जांच की आशंका जताते हुए अवैध व गैर कानूनी तरीके से संचालित नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर, झोला छाप चिकित्सकों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

धालभूमगढ़ 13, डुमरिया 16, मुसाबनी 12, पटमदा में 20 गर्भवतियों के घरों में प्रसव के सामने आने पर उपायुक्त ने चिंता जताई। उपायुक्त द्वारा अविलंब प्रत्येक पंचायत में एक-एक ममता वाहन की उपलब्धता के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। जिला स्तर पर संचालित प्रोजेक्ट उल्लास अभियान के तहत नियमित मिर्गी जांच कैम्प आयोजित कर मिर्गी रोगियों की पहचान व समुचित इलाज को और प्रभावी बनाने और अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया। बैठक में डेगू जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने व नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत सभी गतिविधियों की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन अभियान, एनीमिया मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई। जिला कुष्ठ निवारण कार्यालय के द्वारा इस महीने से शुरू किये जा रहे पी.ओ.डी (प्रेवेंशन ऑफ़ डिसाबिलिटी ) कैंप्स को लेकर कहा कि इस कैंप के माध्यम से कुष्ठ रोग से ग्रसित दिव्यांगता को रोकने में सहायक होगी।

बैठक में विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले में मलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। उपायुक्त द्वारा जांच, उपचार, अनुश्रवण पर विशेष बल देते हुए निर्देशित किया गया कि लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ मलेरिया संभावित व प्रभावित स्थलों पर फॉगिंग व आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर मिले। वर्ष 2025 में 10952 मलेरिया मरीजों का उपचार हुआ जिसमें एक भी मृत्यु नहीं हुई। उपायुक्त ने जांच का दायरा बढ़ाने और नागिरकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की बात कही ताकि मलेरिया से एक भी मौत जिले में नहीं हो।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, डॉ जोगेश्वर प्रसाद, डॉ रंजीत पांडा, डॉ ए मित्रा, डॉ मृत्युंजय धावड़िया सहित, सभी एमओआइसी व स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे।

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