धनबाद : राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और हाईवे को एक्सिडेंट फ्री बनाने के लिए धनबाद जिला प्रशासन ने कई बड़े फैसले लिए हैं। उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में “हाईवे टास्क फोर्स” के गठन से लेकर नो हेलमेट-नो पेट्रोल नियम का सख्ती से पालन कराने तक कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जिला प्रशासन ने हरिहरपुर से मैथन तक राष्ट्रीय राजमार्ग की निगरानी के लिए हाईवे टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स शनिवार से ही सक्रिय हो जाएगी। इसका नेतृत्व जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और ट्रैफिक डीएसपी करेंगे। इनके साथ पुलिस की विशेष टीम भी तैनात रहेगी, जो दिन-रात हाईवे पर निगरानी करेगी।
टास्क फोर्स के पास हाइड्रा और क्रेन की भी व्यवस्था रहेगी, ताकि सड़क किनारे या बीच में खड़े वाहनों को तुरंत हटाया जा सके और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा अवैध कट को बंद कराने, खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने और हाईवे को पूरी तरह सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में उपायुक्त ने नो हेलमेट-नो पेट्रोल नियम का उल्लंघन करने वाले 11 पेट्रोल पंपों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इन पेट्रोल पंपों से पूछा जाएगा कि नियमों की अनदेखी करने पर उनका लाइसेंस क्यों नहीं रद्द किया जाए। जिन पेट्रोल पंपों को नोटिस भेजा जाएगा उनमें निरसा देवयाना स्थित भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, बाबा लोकनाथ सर्विस स्टेशन, आकाश फ्यूल्स, धनसार के कुमार फ्यूल्स, जोड़ाफाटक के मां शक्ति फ्यूल्स, मनईटांड के मंगलम फ्यूल्स, पुटकी के चीरुडीह पेट्रोल पंप, बस्ताकोला के गुप्ता एनर्जी, झरिया के रतन जी भगवान जी एंड कंपनी तथा कुमारधुबी के तालडंगा पेट्रोल पंप शामिल हैं।
दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल मदद उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप, बड़े प्रतिष्ठानों, क्लीनिक और होटलों में फर्स्ट एड कॉर्नर विकसित किए जाएंगे। यहां कार्यरत कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार देने, एंबुलेंस बुलाने और आपातकालीन स्थिति से निपटने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने एनएचएआई को सड़कों पर रिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाने, छूटे हुए ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने और बैंक मोड़ के आसपास पार्किंग स्थल चिन्हित करने का निर्देश दिया। साथ ही सड़क पर अतिक्रमण करने वालों और जहां-तहां वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। बैंक मोड़ से झरिया तक सड़क किनारे खड़े लावारिस वाहनों की नीलामी करने तथा प्रधानखंता रेल ओवर ब्रिज का निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया गया।
अशर्फी हॉस्पिटल के समीप अतिक्रमण और स्ट्रीट लाइट नहीं जलने के मामले में भी उपायुक्त ने संज्ञान लिया। उन्होंने नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई करने तथा अस्पताल प्रबंधन को अलग पार्किंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि सड़क अतिक्रमण मुक्त हो और यातायात सुचारु रूप से चल सके।
वहीं, वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सड़क बाधित करने वाली वस्तुओं की तस्वीरों के साथ विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि इन पहलों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों को सुरक्षित व सुगम यातायात उपलब्ध कराना है। हाईवे टास्क फोर्स, फर्स्ट एड कॉर्नर और नो हेलमेट-नो पेट्रोल नियम के सख्त अनुपालन से आने वाले दिनों में सड़क सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।

