सियासत जारी है। इस बीच बिहार सरकार के एक फैसले ने सबको चौंका दिया है। दरअसल, एनकाउंटर को लेकर जिन पुलिस अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, उसमें एक नाम जगदीशपुर डीएसपी राजेश कुमार शर्मा को नई पोस्टिंग मिली है। राजेश कुमार शर्मा को पुलिस उपाधीक्षक मद्य निषेध और राज्य स्वापक ब्यूरो, बिहार, पटना में पदस्थापित कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद सवाल उठने लगे हैं।
मद्य निषेध विभाग में पोस्टिंग
गृह विभाग की ओर से आज 53 डीएसपी का तबादला किया गया। जिसमें आरोपी डीएसपी राजेश कुमार शर्मा को पुलिस उपाधीक्षक मद्य निषेध और राज्य स्वापक ब्यूरो, बिहार, पटना में पदस्थापित कर दिया गया है। सारण के रहने वाले राजेश कुमार शर्मा इंस्पेक्टर से पदोन्नत होकर डीएसपी बने हैं। 2019 बैच के राजेश कुमार शर्मा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जगदीशपुर, भोजपुर थे।
सरकार का फैसला सवालों के घेरे
सरकार के इस फैसले के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। दरअसल, उनकी पोस्टिंग का मद्य निषेध विभाग में पुलिस उपाधीक्षक का पद महत्वपूर्ण और प्रभावशाली माना जाता है। इसी वजह से सरकार का यह फैसला सवालों के घेरे में आ गया है।
डीएसपी राजेश कुमार शर्मा पर हत्या का मामला दर्ज
बता दें कि राजेश कुमार शर्मा इससे पहले भोजपुर के जगदीशपुर अनुमंडल में एसडीपीओ के पद पर तैनात थे। 17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के समय वही इस इलाके के पुलिस अधिकारी थे। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में विवाद बढ़ने के बाद भोजपुर पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार को निलंबित कर दिया गया है। उसके बाद डीएसपी राजेश कुमार शर्मा, थानेदार और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।
जांच के बीच नई जिम्मेदारी से उठे सवाल
अब डीएसपी राजेश कुमार शर्मा को पटना स्थित मद्य निषेध विभाग एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरों में तैनाती दी गई है। एक ओर भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच जारी है। वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से उन्हें नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है। यही कारण है कि सरकार के इस फैसले पर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

