अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को स्विट्जरलैंड के बर्जेनस्टाक में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में शुरू हुई बहुप्रतीक्षित शांति वार्ता पर पहले ही दौर में संकट के बादल छा गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान पर हमले की ताजा धमकी के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच स्विटजरलैंड के बर्गेनस्टॉक में चल रही बातचीत पर खतरे में पड़ गई है।
14 बिंदुओं वाले समझौता मसौदे पर वार्ता
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी बातचीत के पहले दौर में लेबनान में युद्धविराम बनाए रखने, होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और संभावित परमाणु समझौते के कुछ अहम हिस्सों पर चर्चा हुई। यह बातचीत 14 बिंदुओं वाले समझौता मसौदे के तहत हो रही है। ये बातचीत रविवार सुबह शुरू हुई और पूरे दिन अलग-अलग रूपों में चलती रही। यह सब इजराइल की ओर से दक्षिणी लेबनान में किए जा रहे हमलों के बीच हुआ।
80 मिनट चली वार्ता
सीएनएन ने एक ईरानी सूत्र के हवाले से बताया था कि स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अस्थायी रूप से रुक गई है। लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सूत्र के अनुसार, तनाव के बावजूद कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। सूत्र ने यह भी कहा कि औपचारिक बातचीत फिलहाल रुकी हुई है, लेकिन दोनों पक्षों को फिर से बातचीत की मेज पर लाने के लिए पर्दे के पीछे से संपर्क जारी है। इससे पहले, 14 बिंदुओं वाले समझौते ज्ञापन के तहत अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय तकनीकी बातचीत का पहला दौर लगभग 80 मिनट बाद रोक दिया गया था, ताकि दोनों पक्ष अपने-अपने आंतरिक सलाह-मशविरा कर सकें।
ट्रंप के तीखे बयान से वार्ता तनावपूर्ण
वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीखे बयान से माहौल तनावपूर्ण हो गया। ट्रंप ने ईरान को लेबनान में हिजबुल्ला की गतिविधियां रोकने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका फिर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की ईरानी घोषणा पर भी कड़ा रुख अपनाया और कहा कि इसे बंद करने की कोशिश हुई तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल बैठक छोड़कर निकला
ईरानी मीडिया ने दावा किया कि ट्रंप के बयान के विरोध में ईरानी प्रतिनिधिमंडल बैठक छोड़कर बाहर निकल गया और उसने सामूहिक फोटो सत्र में भी भाग नहीं लिया। हालांकि, न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार बातचीत पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, बल्कि फिलहाल रोक दी गई है। आगे वार्ता कब और किस रूप में होगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी तनातनी का असर बाजारों पर भी दिखा।
जेडी वेंस ने कहा-ऐतिहासिक है ये वार्ता
स्विट्जरलैंड में चल रही वार्ता के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में लेबनान में संघर्ष विराम को बनाए रखने की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्र में पूर्ण युद्धविराम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वेंस ने कहा कि इस तरह के संघर्ष विराम को लागू करना हमेशा आसान नहीं होता और शुरुआत में कुछ कठिनाइयां आना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि स्विट्जरलैंड में चल रही तकनीकी वार्ताएं भले ही सभी मतभेदों को तुरंत खत्म न कर पाएं, लेकिन पहली बार अमेरिका और ईरान की टीमें एक साथ बैठकर सीधे बातचीत कर रही हैं, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है।

