प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बड़े ऐतिहासिक मंदिर प्रम्बानन पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। दोनों ने मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया। पीएम ने मंदिर में दर्शन भी किए। पीएम मोदी ने भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित लगभग 1,000 साल पुराने हिंदू मंदिर में पूजा-अर्चना की है।
पीएम मोदी ने दिखाया मंदिर परिसर का हवाई दृश्य
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल तक हेलीकॉप्टर से यात्रा करते समय पीएम मोदी ने एक्स पर मंदिर परिसर का हवाई दृश्य साझा किया। पीएम मोदी ने एक्स पर राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा- ‘राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता से प्रम्बानन मंदिर जाते हुए।’ उन्होंने हेलीकॉप्टर से मंदिर का हवाई नजारा दिखाते हुए वीडियो भी पोस्ट किया और लिखा- ‘भव्य प्रम्बानन मंदिर!’
मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापना परियोजना का उद्घाटन
दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापना परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के लिए भारत और इंडोनेशिया के बीच आशय पत्र यानि लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान पहले ही हो चुका है।
भगवा कुर्ते में माथे पर त्रिपुंड लगाए पीएम मोदी
भगवा रंग के कुर्ते में, माथे पर त्रिपुंड लगाए पीएम मोदी ने पूजा अर्चना के बाद मंदिर परिसर में अपने संबोधन में कहा- मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है।
इंडोनेशिया के लोगों को दिया धन्यवाद
पीएम मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया के लोगों ने ‘पवित्र मंदिर’ की देखभाल की है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसका संरक्षण सुनिश्चित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर को संरक्षित करने के लिए इंडोनेशिया के लोगों को धन्यवाद दिया और इसे दोनों देशों के बीच गहरे सभ्यतागत संबंधों का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने कहा ‘कैलाश मानसरोवर से लेकर प्रम्बानन मंदिर तक कोई भी महामृत्युंजय मंत्र सुन सकता है।’
एक हजार साल पुराना मंदिर
इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर योग्याकार्ता के पास स्थित प्रम्बानन मंदिर दक्षिण-पूर्व एशिया का दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। पहले स्थान पर कंबोडिया का अंगकोर वाट है। प्रम्बानन मंदिर एक हजार साल पुराना है। इसका परिसर कभी करीब 240 मंदिरों में फैला था। यहां त्रिमूर्ति- भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा के तीन मुख्य मंदिर हैं। इनमें 47 मीटर ऊंचा शिव मंदिर सबसे बड़ा है। मंदिर की दीवारों पर रामायण और अन्य हिंदू ग्रंथों की कहानियां उकेरी गई हैं।

