August 18, 2022

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पांच महीना 58 गवाह : एडीजे उत्तम आनंद हत्या मामले में दोषियों को मिली उम्र कैद की सजा

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मिरर मीडिया : लंबे जांच पड़ताल की प्रक्रिया और छानबीन के बाद आखिरकार एडीजे उत्तम आनंद हत्या मामले में फैसला आ गया है। आपको बता दें कि जज उत्तम हत्याकांड के मामले में सीबीआई कोर्ट ने 25 हजार जुर्माना के साथ उम्र कैद का फैसला सुनाया है। विदित हो कि इससे पहले 28 जुलाई को कोर्ट ने ऑटो ड्राइवर लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा को जज उत्तम आनंद हत्याकांड का दोषी पाया कि। हालांकि इसके इतर बचाव पक्ष के वकील ने कहा की वे अब हाईकोर्ट का दरवाजा खट खटाएंगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार धनबाद के सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत में इस मामले का स्पीडी ट्रायल हुआ। पांच महीने में 58 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद 28 जुलाई 2022 की तारीख जजमेंट के लिए निर्धारित कर दी थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की क्राइम ब्रांच के स्पेशल पीपी अमित जिंदल ने आरोप पत्र के कुल 169 गवाहों में से 58 गवाहों का बयान दर्ज कराया था। सीबीआई ने दावा किया है कि आरोपित लखन वर्मा एवं राहुल वर्मा ने जानबूझकर जज उत्तम आनंद को टक्कर मारी थी जिनसे उनकी मौत हुई।

गौरतलब है कि न्यायाधीश उत्तम आनंद ने छह महीने पहले ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम के पद पर ज्वाइन किया था। इससे पहले वे बोकारो के जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे।  वे चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद हर दिन की तरह बुधवार को भी मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे इसी दौरान एक ऑटो ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। इस दौरान वहां से गुजर रहे दूसरे ऑटो चालक ने उन्हें SNMMCH पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। टक्कर मारने की सारी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई।

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