महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां मोबाइल फोन की जिद ने हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया. खावेदा डोंगर में 19 साल का किशोर माता-पिता से मोबाइल की जिद के चलते पहाड़ी पर चढ़ गया. लाख मनाने के बावजूद वह पहाड़ी से कूदने की धमकी देता रहा. आखिरकार उसकी मौत हो गई और उसे बचाने के लिए दौड़े पिता भी उसके साथ पहाड़ी से नीचे गिर पड़े.
अक्सर जिद और अनियंत्रित इच्छाएं इंसान को तबाही की राह पर ले जाती हैं. कुछ बच्चों में ऐसी प्रवृत्ति होती है कि वे अपनी छोटी-मोटी मांगों के लिए गलत राह चुनने लगते हैं. ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र में देखने को मिला है, जहां 19 साल के एक युवक की मांग ने उसे आत्महत्या की तरफ धकेल दिया. इसका निष्कर्ष ये निकला की लड़के के साथ उसके माता-पिता भी मौत के मुंह में समा गए.
वालुज MIDC थाना क्षेत्र में घटित इस खौफनाक हादसे ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है. छत्रपति संभाजीनगर के खावेदा डोंगर में खतरनाक पहाड़ी से कूदने की कोशिश कर रहे अपने 19 साल के बेटे को बचाने के लिए दौड़े माता-पिता की उसी पहाड़ी से नीचे गिरकर मौत हो गई. इस दौरान पुलिस से लेकर फायर ब्रिगेड, रिश्तेदार और स्थानीय लोग तकरीबन 3 घंटे तक युवक को पहाड़ी से दूर हटने के लिए मनाते रहे. बार-बार अपील के बावजूद युवक खतरनाक पहाड़ी पर ढलान की तरफ आगे बढ़ता रहा.
शुक्रवार दोपहर को हुई इस घटना की मुख्य वजह नया मोबाइल फोन पाने की जिद थी. पुलिस ने बताया कि शुक्रवार (21 अगस्त 2026) की दोपहर वालुज MIDC थाना क्षेत्र के तिसगांव इलाके में घटना घटी. मरने वालों की पहचान 19 साल के कुणाल, उनके पिता 48 साल के मुरलीधर चांदगुड़े और उनकी पत्नी संगीता के रूप में हुई है. घटना की शुरुआत सुबह लगभग 10 बजे हुई, जब कुणाल अपने माता-पिता से नया मोबाइल फोन लेने की जिद पर अड़ा रहा. अपनी मांग को लेकर नाराज कुणाल पहाड़ी पर चढ़ गया. अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता में कुणाल के माता-पिता उसे समझाने के लिए उसके पीछे-पीछे पहाड़ी की चोटी तक पहुंचे. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी, अग्निशमन के अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण मदद के लिए वहां पहुंचे. उन्होंने पहाड़ी के नीचे सुरक्षा जाल बिछाने का प्रयास किया. हालांकि, कुणाल लगातार पहाड़ी पर अपनी जगह बदलता रहा. इससे सुरक्षाकर्मियों की कोशिशें नाकाम हो गईं.
मदद और समझाइश के तमाम प्रयास आखिरकार बेअसर साबित हुए और हादसा घट गया. पुलिस के मुताबिक, इस मुश्किल हालात के आखिरी 15-20 मिनटों में पिता ने ऊपर चढ़ने से पहले नीचे से ही अपने बेटे को समझाने की कोशिश की. दोपहर करीब 1 बजे वह अपने बेटे के करीब गए और जब बेटा किनारे की ओर बढ़ा, तो उन्होंने उसे पकड़ने की कोशिश की. हालांकि, तब तक कुणाल कूद गया. उसे बचाने की कोशिश में दोनों का बैलेंस बिगड़ा और वे सीधा पहाड़ी की चोटी से गिर पड़े. अपने बेटे और पति को अपनी आंखों के सामने एक साथ मरते देख मां संगीता भी सदमे में पहाड़ी से कूद पड़ीं. पुलिस ने बताया कि तीनों के शव बरामद किए जा चुके हैं और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
बचाव दल और पुलिस प्रशासन की कोशिशों के बावजूद किसी को बचाया नहीं जा सका. पुलिस और स्थानीय लोगों ने घटना के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन अधिक ऊंचाई से गिरने के चलते परिवार के तीनों सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई थी. घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, माता-पिता और पुलिस लगातार युवक को बचाने की हरसंभव कोशिश में जुटे थे, लेकिन उनकी कोशिश नाकाम रही. कुणाल की मां भी लगातार अपने बच्चे से पीछे हटने की भीख मांगती रही, लेकिन उसने किसी की एक न सुनी. लोग युवक को उसके भविष्य और माता-पिता की लगातार दुहाई देकर समझाते रहे, लेकिन वह बार-बार पहाड़ी से कूदने की धमकी देता रहा. लाख मनाने की कोशिशों के बावजूद न मानने का असर यही रहा कि इस हादसे में एक छोटा सा परिवार मिट गया.

