डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जमशेदपुर में डबल डाउन बार के बाहर हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से कड़ा कदम उठाया है। शहर के छह प्रमुख थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा (कर्फ्यू जैसी पाबंदियां) लागू कर दी गई है। यह आदेश आज 1 जुलाई बुधवार से लागू हो गया है और अगले आदेश तक जारी रहेगा।

इन 6 इलाकों में लगी पाबंदी
प्रशासन ने शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों को इस दायरे में रखा है।साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, एमजीएम और मानगो।
क्या-क्या करने पर रहेगी पूरी रोक?
अनुमंडल दंडाधिकारी धालभूम अरबिंद मिश्रा द्वारा जारी आदेश के मुताबिक इन इलाकों में गतिविधियों पर पूरी तरह बैन रहेगा।
धरना और प्रदर्शन: किसी भी तरह का घेराव, जुलूस, पुतला दहन या विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी।
हथियारों पर रोक: सार्वजनिक स्थानों पर लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला या कोई भी घातक हथियार लेकर चलने पर सख्त मनाही है।
भीड़ जुटाने पर पाबंदी: शांति भंग होने की आशंका वाले स्थानों पर 5 या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ जमा होने पर रोक है।
लाउडस्पीकर पर बैन: बिना आधिकारिक अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
इन्हें मिलेगी इस आदेश से छूट
यह पाबंदी आम जनता और संभावित उपद्रवियों को रोकने के लिए है। ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, मेडिकल स्टाफ और मान्यता प्राप्त मीडियाकर्मियों पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
प्रशासन ने क्यों लिया यह फैसला?
बिष्टुपुर के डबल डाउन बार में हुई हिंसक वारदात के बाद से ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम और जनसभाओं की खबरें आ रही थीं। माहौल बिगड़ने और कानून-व्यवस्था के खतरे को देखते हुए SDM ने तुरंत यह फैसला लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश एकपक्षीय जारी किया गया है ताकि शहर की शांति भंग न हो।

