डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के चर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले तिहरे हत्याकांड में पुलिस अब आरोपी को पूरी तरह से वैज्ञानिक सुबूतों के जाल में घेरने की तैयारी कर चुकी है। अपनी ही गर्भवती बेटी, पत्नी और बेटे की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह का सच सामने लाने के लिए पुलिस अगले हफ्ते उसका पॉलिग्राफ टेस्ट करा सकती है।
बीमारी का बहाना खत्म, अब होगा दूध का दूध और पानी का पानी
वारदात के बाद से ही आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार होने का हवाला दे रहा था, जिसके कारण उसकी लाई डिटेक्टर टेस्ट की प्रक्रिया रुकी हुई थी। जेल अस्पताल में इलाज के बाद अब वह शारीरिक और मानसिक रूप से इस टेस्ट के लिए पूरी तरह फिट है। पुलिस उसे रांची ले जाकर टेस्ट कराने की तैयारी में है ताकि हत्या के पीछे की असली वजह और कड़ियों को जोड़ा जा सके।
पुलिस के हाथ लगे दो बड़े वैज्ञानिक सुबूत
डिजिटल मीडिया सूत्रों और पुलिस अनुसंधान के मुताबिक, आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस के हाथ अहम सुबूत लगे हैं।
फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की रिपोर्ट: पुलिस को इस मामले में फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की बेहद जरूरी रिपोर्ट मिल चुकी है, जो कोर्ट में आरोपी के खिलाफ बड़ा हथियार बनेगी।
FSL और CID की जांच: घटनास्थल से जब्त किए गए तमाम वैज्ञानिक नमूनों और साक्ष्यों को पहले ही फॉरेंसिक साइंस लैब जांच के लिए रांची स्थित सीआईडी को भेजा जा चुका है। इसकी रिपोर्ट भी जल्द पुलिस के पास होगी।
क्या था पूरा मामला?
यह दिल दहला देने वाली घटना 11 मई 2026 को सिदगोड़ा के रोड नंबर-2 (क्वार्टर नंबर एल5/13) में हुई थी। टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी रविंद्र प्रसाद सिंह ने धारदार हथियार से अपनी पत्नी सरिता सिंह, गर्भवती बेटी सुप्रिया सिंह और बेटे ऋषभ सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी थी। तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को इसकी जानकारी दी थी और खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की थी, जिसमें वह घायल हो गया था। खराब सेहत के कारण अब तक पुलिस की तफ्तीश जिस मोड़ पर धीमी पड़ी थी, वह अब कोर्ट की अनुमति मिलते ही पॉलिग्राफ टेस्ट के जरिए रफ्तार पकड़ेगी। पुलिस का दावा है कि कोर्ट में ऐसे पुख्ता सबूत पेश किए जाएंगे जिससे आरोपी का बचना नामुमकिन होगा।

