जमुई: समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में सांसद अरुण भारती की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति और जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे के विस्तार और आगामी राष्ट्रीय अभियानों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
विकास को नई दिशा देने की तैयारी
बैठक की शुरुआत जिला पदाधिकारी नवीन के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती महीने में आयोजित यह बैठक जमुई के विकास को नई दिशा देगी। उन्होंने स्वीकार किया कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहने के कारण जिले की विकास गति धीमी रही, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और सभी क्षेत्रों में विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। प्रशासन की प्राथमिकता आधारभूत संरचना को मजबूत करना, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाना और सरकारी योजनाओं को पारदर्शिता के साथ लागू करना है।
रेल लाइन प्रोजेक्ट से उम्मीदें बढ़ीं
बैठक में सांसद अरुण भारती ने नवादा-लक्ष्मीपुर रेल लाइन परियोजना को लेकर बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस लंबे समय से लंबित परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है और इसके लिए 621 करोड़ रुपये का आवंटन भी हो गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और रेल संपर्क से जमुई के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
पानी और सिंचाई पर विशेष जोर
समीक्षा के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग, पीएचईडी, बिजली, कृषि और शिक्षा समेत कई विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। गर्मी को देखते हुए पेयजल और सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। साथ ही अधिकारियों को तय समय सीमा में सभी योजनाएं पूरी करने के सख्त निर्देश दिए गए।
दिशा’ बैठक को बताया जवाबदेही का मंच
सांसद ने कहा कि दिशा बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही तय करने का मंच है। विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राष्ट्रीय अभियानों पर भी चर्चा
बैठक में ‘भारत की जनगणना 2027’ के तहत स्व-गणना अभियान को सफल बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा “भारत ज्ञान मिशन” के अंतर्गत पांडुलिपि सर्वेक्षण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि जिले में प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
सभी विभागों का समन्वय, समग्र विकास का संकल्प
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर योजनाओं को समय पर और पारदर्शिता के साथ पूरा करने तथा जमुई को एक आदर्श जिला बनाने का संकल्प लिया।

