धनबाद। झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकरण (झमाडा) के मृतक कर्मियों के आश्रितों ने अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद की है। आश्रितों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर झारखंड उच्च न्यायालय के हालिया आदेश के आलोक में प्रबंधन से शीघ्र निर्णय लेने और अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।
आश्रितों का कहना है कि वे पिछले साढ़े तीन वर्षों से अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया और भूख हड़ताल भी की, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उनका आरोप है कि अधिकांश प्रभावित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और रोजगार के अभाव में गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
हाईकोर्ट के आदेश से बढ़ी उम्मीद
आश्रितों के अनुसार, मामले को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में W.P.S. No. 2139/2026 याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आश्रितों के आवेदन पर विचार करने और मामले को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही, यदि मामला बहाली योग्य पाया जाता है तो एक माह के भीतर आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
उच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद आश्रितों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति का मामला अब सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा।
प्रबंधन से जल्द निर्णय लेने की मांग
मृतक कर्मियों के आश्रितों ने झमाडा प्रबंधन से न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए जल्द से जल्द निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित इस मुद्दे का समाधान होने से दर्जनों परिवारों को राहत मिलेगी और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्राप्त होगा।
आश्रितों ने उम्मीद जताई है कि न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन और प्रबंधन संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र कार्रवाई करेगा।

