सम्राट केबिनैट का विस्तार हो गया है। बिहार की नई सरकार यानी सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल में शामिल एक नाम इन दिनों काफी चर्चा में हैं। ये राजनीति में चमक धमक वाले परिवार से नहीं है। गरीबी की बेड़ियां को तोड़ते हुए मंत्री पद तक पहुंचे हैं। बात हो रही हैं डॉ प्रमोद कुमार चंद्रवंशी की। जिन्होंने पदभार ग्रहण करते ही राज्य की सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
फूहड़ गानों का प्रसारण और निर्माण होगा बैन
बिहार में अश्लील गाने हमेशा से बड़ा मुद्दा रहे हैं। ऐसे में बिहार के नवनियुक्त कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से एलान किया है कि बिहार में अब अश्लील और फूहड़ गानों के प्रसारण और निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा।
अश्लील गाने बजाया तो खैर नहीं
प्रमोद चंद्रवंशी ने साफ शब्दों में चेतावनी जारी कर दी है कि राज्य में अश्लील गाना बजाने वाले अब किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। मंत्री ने कहा कि उनकी प्राथमिकता में सबसे पहले अश्लील और समाज को दूषित करने वाले गानों पर पूरी तरह रोक लगाना शामिल है।
सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध
मंत्री ने जोर देकर कहा कि संगीत और कला समाज की संवेदनाओं से जुड़े होते हैं और इनका इस्तेमाल किसी भी रूप में अश्लीलता को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार समाजिक मर्यादाओं और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगीत ऐसा होना चाहिए जो मन को शांति दे, न कि ऐसा जिससे दूसरों को असहज होना पड़े या सामाजिक सौहार्द बिगड़े।
कौन हैं प्रमोद चंद्रवंशी?
प्रमोद चंद्रवंशी की पहचान आज एक कद्दावर नेता के रूप में है. लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब वे पटना की सड़कों पर साइकिल से अखबार बांटा करते थे। जहानाबाद के एक बेहद साधारण किसान परिवार में जन्मे प्रमोद के लिए उच्च शिक्षा का खर्च उठाना नामुमकिन सा था। उनके पिता अयोध्या प्रसाद खेती-बाड़ी से बमुश्किल घर चलाते थे। अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए प्रमोद ने पटना के पोस्टल पार्क इलाके में रहकर कई छोटे-बड़े काम किए। वे सुबह-सुबह अखबार बांटने निकलते। फिर घर-घर जाकर सरसों का तेल बेचते थे। इसी कड़ी मेहनत से मिली पाई-पाई जोड़कर उन्होंने अपनी डिग्री हासिल की। दिलचस्प बात यह है कि उनका तेल का व्यवसाय आज भी जारी है. जिसे अब उनके कर्मचारी संभालते हैं।

