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जी20 समिट के पहले दिन सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से लीडर्स घोषणापत्र को दी मंजूरी : आतंकवाद, महंगाई, यूक्रेन युद्ध समेत कुल 112 मुद्दे शामिल

मिरर मीडिया : समिट का पहला सेशन पूरा हो चुका है। इसके बाद दोपहर तीन बजे से शाम के सवा चार बजे तक दूसरा सत्र खत्म हुआ।भारत के प्रस्ताव पर लीडर्स डिक्लेरेशन पर सहमति बन गई है।  इसे भारत की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पहले सेशन में पीएम मोदी ने जी20 के सदस्यों को संबोधित किया और कहा कि ये वक्त साथ चलने का है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ये वक्त चुनौतियों का समाधान खोजने का है।

बता दें कि दिल्ली में चल रहे जी20 समिट के पहले दिन लीडर्स घोषणापत्र को मंजूरी दे दी गई है। इस घोषणापत्र में आतंकवाद, महंगाई, यूक्रेन युद्ध समेत कुल 112 मुद्दे शामिल हैं। घोषणापत्र को जी20 सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से मंजूरी भी दे दी है जो कि भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी है।

घोषणा पत्र में आतंकवाद से लेकर परमाणु हमले की धमकी, महंगाई से लड़ने की अपील के साथ-साथ विकासशील देशों को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

घोषणापत्र में किसी भी रूप में आतंकवाद को स्वीकार्य नहीं बताया गया है। साथ में आतंकी ग्रुपों को पनाह देने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात कही गई है। इसके साथ-साथ सभी देशों को यूएन चार्टर के मुताबिक काम करने की अपील की गई है और कहा गया है कि आज का युग युद्ध का का नहीं है। दुनियाभर में शांति के लिए सभी धर्मों की प्रतिबद्धता को स्वीकार करने की बात कही गई है।

घोषणापत्र में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल या धमकी को अस्वीकार्य बताया गया है। यूएनएससी और यूएनजीए में अपनाए गए देश के रुख और प्रस्तावों को दोहराया गया है।

घोषणापत्र में कहा गया है कि हम सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धातों को बनाए रखने और क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने का आह्वान करते हैं।

घोषणापत्र में आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। इसके साथ-साथ इसका मुकाबला करने और किसी भी रूपों में इसकी निंदा की गई है।
जी20 घोषणापत्र मजबूत सतत समावेशी विकास पर केंद्रित है। इसमें हरित मार्ग की परिकल्पना की गई है। जी20 की अध्यक्षता का संदेश एक पृथ्वी है, एक कुटुम्ब है और एक भविष्य बताया गया है।

घोषणापत्र में लैंगिक अंतर को कम करने के साथ-साथ फैसले लेने वालों के रूप में अर्थव्यवस्था में महिलाओं की पूर्ण और समान भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता दर्शाइ गई है।
घोषणापत्र में यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया गया है और कहा गया है कि इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ी है। यूक्रेन युद्ध का पूरी दुनिया पर नकारात्मक प्रभाव का भी उल्लेख किया गया है।
विवादित मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान करने की अपील की गई है। आतंकी समूहों को पनाह देने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की बात कही गई है।

इसके अलावा एफएटीएफ के बढ़ते संसाधन आवश्यकताओं के समर्थन को लेकर प्रतिबद्धता जताई गई है। विवादों का कूटनीति और संवाद के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की गई है।

जी20 समिट के दौरान तीन एफ-फूड, फ्यूल और फर्टिलाइजर के मुद्दे विशेष चिंता की श्रेणी में शामिल थे। जी20 सदस्य देशों ने कारोबार की सुगमता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।


जी20 देशों से कहा गया है कि हमारे पास बेहतर भविष्य बनाने का अवसर है। ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए कि किसी भी देश को गरीबी से लड़ने और प्लेनेट के लिए लड़ने के बीच चयन करना पड़ा।

Uday Kumar Pandey
Uday Kumar Pandeyhttps://mirrormedia.co.in
मैं उदय कुमार पाण्डेय, मिरर मीडिया के न्यूज डेस्क पर कार्यरत हूँ।

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