बिहार की राजनीति से बड़ी हलचल देकी जा रही है।लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। देर रात उन्हें सिविल कोर्ट स्थित सीजीएम कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया है।
किस आरोप में गिरफ्तार हुए तेज प्रताप?
बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के मामले में पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान रामगुलाम चौक पर प्रदर्शन के समय तेज प्रताप यादव ने प्रदर्शनकारियों को हिंसा के लिए उकसाया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस को उनके खिलाफ साक्ष्य मिले, जिसके बाद उन्हें एसीजेएम के आवास स्थित कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया।
देर शाम सेंटर मॉल से हुए गिरफ्तार
शनिवार को दिन में गांधी मैदान पुलिस ने तेज प्रताप यादव को सबसे पहले हिरासत में लिया था, लेकिन कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उन्हें कुछ देर में छोड़ दिया गया। हालांकि, देर शाम जब तेज प्रताप सिटी सेंटर मॉल घूमने निकले तो एसपी लॉ एंड ऑर्डर की मौजूदगी में पुलिस ने उन्हें दोबारा पकड़ लिया।
देर रात पटना के बेऊर जेल भेजे गए
पुलिस उन्हें एसपी की गाड़ी से दीघा थाने और बाद में नौबतपुर थाने ले गई, जहां देर रात तक पूछताछ जारी रही। फिर उनकी गिरफ्तारी हुई। देर रात को ही छज्जू बाग स्थित जज के आवास पर पेशी हुई और देर रात को ही पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया।
हिंसा फैलाने के आरोप में 209 गिरफ्तार
वहीं, पटना पुलिस ने अब तक इस मामले में हिंसा फैलाने के आरोप में 209 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इस हिंसा में कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस का दावा है कि 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुनियोजित तरीके से पुलिस को निशाना बनाया। कई स्थानों पर पुलिस पर हमले किए गए। गांधी मैदान के पास स्थित टीओपी पर बम से हमला किया गया। वहीं, सीतामढ़ी में पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया और छपरा में भी पुलिस वाहन में आगजनी की गई। बिहार पुलिस की टीम लगातार उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

