पलामू: जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पलामू पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,000 लोगों को सर्विलांस पर रखा है, जिनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने अपराधियों की विस्तृत सूची तैयार कर उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है, ताकि उनके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
अपराधियों पर नजर रखने के लिए बनी तीन विशेष टीमें
पलामू एसपी कपिल चौधरी के निर्देश पर नारकोटिक्स, आर्म्स एक्ट और प्रॉपर्टी ऑफेंस से जुड़े मामलों में कार्रवाई के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। इनका उद्देश्य संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखते हुए त्वरित कार्रवाई करना है।
गतिविधियों के आधार पर होगी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, सर्विलांस में शामिल लोगों की गतिविधियों के आधार पर उनके खिलाफ CCA, जिलाबदर, थाना हाजिरी समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
इन इलाकों के सबसे ज्यादा अपराधी निगरानी में
पुलिस की सूची में सबसे अधिक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग मेदिनीनगर, चैनपुर और लेस्लीगंज क्षेत्र से हैं।
मेदिनीनगर: 350 से अधिक लोग निगरानी में
चैनपुर: 330 लोगों पर सर्विलांस, जबकि 100 अन्य आरोपी बाहरी जिलों के हैं लेकिन चैनपुर में उनके खिलाफ मामले दर्ज हैं।
लेस्लीगंज: 100 लोगों पर विशेष निगरानी
एक दशक के रिकॉर्ड के आधार पर तैयार हुई सूची
पुलिस ने ऐसे लोगों को चिन्हित किया है जिनके खिलाफ पिछले 10 वर्षों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं या जो संगठित अपराध से जुड़े रहे हैं। सूची में कई कुख्यात अपराधियों और आपराधिक गिरोहों से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल हैं।
एसपी ने कहा— अपराधियों पर रहेगी कड़ी नजर
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ बहुस्तरीय रणनीति पर काम किया जा रहा है। संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है। पुलिस की यह निगरानी और विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

