आनंद मोहन के बयान पर बढ़ा सियासी बवाल, जदयू को बताया ‘थैली वाली पार्टी’, तो मिला कड़ा जवाब

Neelam
By Neelam
4 Min Read

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। बाहुबली नेता आनंद मोहन अपनी ही पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए तीखी बयानबाजी की। आनंद मोहन ने बिना नीतीश कुनार का नाम लिए हुए कहा, जिस नेता ने जेडीयू को खड़ा किया उसी को आज दफना दिया गया है। यहीं नहीं, उन्होंने जेडीयू को थैली की पार्टी करार दिया। इस पर अब जेडीयू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

लेसी सिंह का आनंद मोहन को जवाब

बिहार सरकार की भवन निर्माण विभाग की मंत्री लेसी सिंह ने आनंद मोहन के बयान पर कड़ा जवाब दिया है। लेसी सिंह ने साफ कहा कि “दुनिया या देश में किसी की भी इतनी हैसियत, ताकत या औकात नहीं है जो नीतीश कुमार के राजनीतिक वजूद को खत्म कर सके या उन्हें जिंदा दफन कर सके।“ लेसी सिंह ने यह भी कहा कि “अगर कोई नेता नीतीश कुमार पर सवाल खड़ा करता है तो यह केवल व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि उस नेतृत्व व्यवस्था पर हमला है, जिसे बिहार की करोड़ों महिलाएं समर्थन देती हैं।“

श्याम रजक ने आनंद मोहन को दिखाया आइना

वहीं, आनंद मोहन के बयान पर जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव सह विधायक श्याम रजक ने कहा, “जेडीयू में कोई थैली की राजनीति नहीं चल रही है। आपकी पत्नी को लोकसभा का टिकट देने के लिए थैली ली गई थी? क्या बेटे को विधानसभा का टिकट देने के लिए थैली ली गई थी? सबूत है तो दीजिए।” श्याम रजक ने बिना नाम लिए सवाल खड़े करते हुए कहा कि “कौन कितने वोट से चुनाव जीता है यह देख लीजिए इससे पता चल जाएगा कि आपकी ताकत क्या है।”

बता दें कि आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद इस बार सिर्फ 112 वोटों से विधायक का चुनाव जीते हैं। मंत्रिमंडल का विस्तार तो हुआ लेकिन आनंद मोहन के बेटे को मंत्री नहीं बनाया गया है।

क्या है आनंद मोहन का बयान

इससे पहले, सीतामढ़ी में एक कार्यक्रम के दौरान आनंद मोहन ने बेहद कड़ा शब्द इस्तेमाल करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से ‘जिंदा दफन’ कर दिया गया है। आनंद मोहन ने जदयू के भीतर चल रहे कथित भ्रष्टाचार और पैसे के खेल पर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जदयू अब ‘थैली’ (धनबल) वाली पार्टी बनकर रह गई है। जिन लोगों ने आलाकमान तक सूटकेस या थैली पहुंचाई, आज उन्हें मंत्री पद से नवाजा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नीतीश कुमार 85 विधायकों के भारी-भरकम समर्थन के साथ खड़े थे, लेकिन वहां लगे पोस्टरों में उनकी तस्वीर तक नहीं थी। इतना ही नहीं, सरकारी बोर्डों से अब डिप्टी सीएम का नाम भी गायब किया जा रहा है। आनंद मोहन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कुछ लोग नीतीश कुमार की मजबूरियों का नाजायज फायदा उठा रहे हैं।

Share This Article