सिक्का गांव की 5 रहस्यमयी मौतों पर गरमाई सियासत, पूर्व मंत्री के.एन. त्रिपाठी ने कि उच्चस्तरीय जांच और मुआवजे की मांग

KK Sagar
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मेदिनीनगर: पलामू जिले के पाटन प्रखंड के सिक्का गांव में पिछले 15 दिनों के भीतर एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री के.एन. त्रिपाठी ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के इतने दिन बाद भी मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और न ही किसी मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।

के.एन. त्रिपाठी ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मरीजों को बीमारी का सही कारण बताए बिना अस्पताल से भेज दिया गया। साथ ही वरिष्ठ चिकित्सकों की उचित निगरानी और सलाह भी उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि यदि समय पर गंभीरता से इलाज किया जाता, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

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उन्होंने सरकार पर पीड़ित परिवार की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता या मुआवजा नहीं दिया गया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनहीन रवैया है।

पूर्व मंत्री ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, इलाज में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को तत्काल उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि आखिर एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। सरकार की जिम्मेदारी केवल जांच की घोषणा करना नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाकर दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाना भी है।

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