राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) को लेकर राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार पर युवाओं के साथ अन्याय और विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा
बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने 20 मई को BPSC TRE 4 शिक्षक अभ्यर्थियों के बड़े आंदोलन पर पुलिस ने पानी फेर दिया। आंदोलन से पहले ही छात्र नेताओं को पुलिस ने जहां पाया, वहीं से उठाकर हिरासत में ले लिया।विपक्ष ने इस मुद्दे को हाथों हाथ ले लिया है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा है।
तेजस्वी के तीखे सवाल
तेजस्वी यादव ने पोस्ट करते हुए लिखा है कि ‘बिहार के युवाओं के साथ अन्याय और विश्वासघात कर रही है NDA सरकार। बिहार के युवा तो वही मांग रहे हैं, वही याद दिला रहे हैं, जो एनडीए ने चुनाव पूर्व 1 करोड़ नौकरी का वादा किया था। फिर युवाओं पर अब ये अत्याचार क्यों? TRE-4 परीक्षा की मांग करना अपराध कैसे? पेपरलीक का विरोध करना गुनाह कैसे? क्यों बिहार के युवाओं पर बार-बार लाठीचार्ज हो रहा है?’
पुलिस का इस्तेमाल अपराधियों के बदले युवाओं पर-तेजस्वी
आरजेडी नेता ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन पर प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। तेजस्वी ने कहा कि यदि सरकार को पुलिस कार्रवाई का उपयोग करना ही है, तो उसका इस्तेमाल अपराध और भ्रष्टाचार रोकने में किया जाना चाहिए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन कार्रवाई युवाओं पर की जा रही है। परीक्षा और भर्ती की मांग करने वाले छात्रों पर बार-बार लाठीचार्ज किया जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
टीआरई-1 और टीआरई-2 की सफलता का किया जिक्र
टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर सरकार को घेरते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार की मंशा टीआरई-4 की रिक्तियां निकालने की नहीं है। उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि 17 महीने की सरकार में बिना पेपर लीक के टीआरई-1 और टीआरई-2 के माध्यम से दो लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, जबकि करीब 1.30 लाख पदों पर बहाली प्रक्रिया शुरू कराई गई थी।
नेताओं के शहजादों को बिना चुनाव लड़े मंत्री पद- तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्ष 2024 और 2025 गुजर गए, लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी हो गए, लेकिन अब तक टीआरई-4 भर्ती की अधिसूचना जारी नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान राज्य में राजनीतिक बदलाव होते रहे, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बदले गए, लेकिन शिक्षक भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। NDA नेताओं के शहजादों को बिना चुनाव लड़े डायरेक्ट मंत्री पद बांट दिए गए।

