रामगढ़: मुकेश कुमार लुनायत (पुलिस अधीक्षक, रामगढ़) ने शुक्रवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रजरप्पा थाना क्षेत्र में हुई चर्चित ज्वैलरी दुकान डकैती का बड़ा खुलासा किया। यह घटना 21 अप्रैल 2026 को चितरपुर रजरप्पा मोड़ (NH-23) स्थित शिव शंकर ज्वैलर्स में हुई थी, जहां सशस्त्र अपराधियों ने दिनदहाड़े लूट को अंजाम दिया था।
एसपी ने बताया कि वादी विष्णु प्रसाद के बयान पर रजरप्पा थाना कांड संख्या 48/2026 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंदन वत्स (डीएसपी मुख्यालय सह एसडीपीओ रामगढ़) के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया, जिसने झारखंड के कई जिलों के साथ-साथ बिहार में भी छापेमारी की।
🔎 बिहार से 3 आरोपी गिरफ्तार
नालंदा (बिहार) में पुलिस ने मनीष कुमार, रीना देवी और चंद्रावती देवी को गिरफ्तार किया। इनके पास से लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात और एक Ertiga कार बरामद हुई। पूछताछ में इन्होंने स्वीकार किया कि वे जेवरात बेचने जा रहे थे।
🚨 पलामू और रांची से भी गिरफ्तारी
पुलिस ने पलामू जिले के पिपराटोंड थाना क्षेत्र से 2 अपराधियों को दबोचा। इनके पास से घटना में इस्तेमाल Honda Shine बाइक, कपड़े और जेवरात मिले।
इसके अलावा रांची और रामगढ़ से भी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
👥 कुल 7 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक 7 अपराधियों को पकड़ा गया है, जिनमें सुभानी अंसारी उर्फ ललका, मनीष कुमार, रीना देवी, चंद्रावती देवी, आनंद कुमार, अरबाज अंसारी और नसरुल्ला अंसारी उर्फ राजा शामिल हैं।
💰 भारी मात्रा में बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, जिंदा कारतूस, TVS Apache बाइक, स्कूटी, मोबाइल फोन, Ertiga कार और बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इनमें अंगूठी, मंगलसूत्र, हार, झुमके, चांदी के बर्तन और धार्मिक प्रतीक शामिल हैं।
⚠️ मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी सुभानी अंसारी उर्फ ललका का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ रामगढ़, बोकारो और जमशेदपुर में चोरी, डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं।
🔄 फरार आरोपियों की तलाश जारी
एसपी ने बताया कि अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस पूरे ऑपरेशन में रामगढ़, रजरप्पा, गोला, मांडू, पतरातू थाना सहित तकनीकी शाखा और सशस्त्र बल की अहम भूमिका रही।
👉 कुल मिलाकर, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़े डकैती कांड का पर्दाफाश हुआ है और गिरोह के ज्यादातर सदस्य सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।

