रोहिणी आचार्य ने ममता बनर्जी को ‘झांसी की रानी’ बताया, बंगाल में बीजेपी की जीत पर उठाया सवाल

Reena Sharma
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पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त सफलता हासिल की है। भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल में 206 सीटों जीतकर टीएमसी को 15 साल बाद सत्ता से बाहर कर दिया है। आजादी के बाद पहली बार बंगाल में भाजपा ने प्रचंड जीत दर्ज की। जिसको लेकर पूरे एनडीए में जीत का जश्न जारी है। वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया और परिणामों पर सवाल खड़े करने शुरु कर दिए हैं। 

रोहिणी ने ममता को कहा ‘जुझारू महिला’

बंगाल में टीएमसी की करारी हार के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने ममता बनर्जी को आज के दौर की ‘झांसी की रानी’ बताया है। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर ममता बनर्जी की तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा कि ‘एक अकेली जुझारू महिला, सही मायनों में आज के दौर की झांसी की रानी, के खिलाफ प्रधानमंत्री, दर्जनों केंद्रीय मंत्रियों-मुख्यमंत्रियों, सैकड़ों सांसदों-विधायकों, मीडिया की पूरी पलटन, देश भर से जुटाए गए लाखों लोगों, पक्षपाती चुनाव आयोग, केंद्रीय एजेंसियों व् सुरक्षा बलों और अकूत पैसे ने चुनाव लड़ा, फिर भी जीत हासिल करने के लिए हेराफेरी और धांधली ही करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि, लोकतांत्रिक व्यवस्था को शर्मसार करने वाले नाजायज हथकंडों, तमाम छल- प्रपंचों का सहारा ही लेना पड़ा।’

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जम्हूरियत को बचाने के लिए लड़ी गई लड़ाई की जीत-रोहिणी

रोहिणी आचार्य ने ममता बनर्जी की हार को ‘संघर्ष की हार नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई’ बताया और कहा कि यह आगे की राजनीतिक रणनीति के लिए सीख है। रोहिणी आचार्य ने लिखा कि, ‘जो जम्हूरियत को फासीवादियों के चुंगल से बचाने के लिए फिक्रमंद और प्रयासरत हैं, उनके लिए ये हार नहीं जीत है। ये संघर्ष की हार नहीं बल्कि जम्हूरियत को बचाने के लिए लड़ी गई लड़ाई की जीत है। रोहिणी आचार्य ने कहा कि, जम्हूरियत को बचाने के लिए उठने वाली हर एक आवाज की यह जीत है और आगे किस मजबूती से लड़ना है उसके लिए एक और सीख है।’

बंगाल में बीजेपी ने रचा इतिहास

बता दें कि 4 मई को चुनाव आयोग की ओर से पांच राज्यों में हुई मतगणना के आंकड़ों जारी किए गए हैं। इनमें सबसे अहम पश्चिम बंगाल का परिणाम रहा। यहां भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के खाते में 81 सीटें गई हैं। इसके अलाव अन्य पार्टियों में कांग्रेस को 2, आम जनता उन्नयन पार्टी को 2, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआईएम) को 1 और ऑल इंडिया सेक्यूलर फ्रंट को 1 सीट मिली है।

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