पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच आसनसोल में सियासी घमासान अब पोस्टर वॉर में बदल गया है। शहर के कई इलाकों में ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को “लापता” बताया गया है।
⚠️ पोस्टरों में तीखे सवाल—“विकास कहाँ है?”
इन पोस्टरों में “SHAME” और “विकास कहाँ है?” जैसे संदेश लिखकर सीधे तौर पर सांसद की कार्यशैली और क्षेत्र में विकास को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इससे साफ है कि विपक्ष अब मुद्दों को आक्रामक तरीके से जनता के बीच ला रहा है।
📉 मैदान से गायब रहने पर उठे सवाल
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि शत्रुघ्न सिन्हा पिछले कुछ समय से चुनावी प्रचार में सक्रिय नहीं दिखे। बताया जा रहा है कि वे आखिरी बार 23 मार्च को जामुड़िया में नजर आए थे। इसके बाद वे न तो ममता बनर्जी और न ही अभिषेक बनर्जी की सभाओं में दिखाई दिए।
⚡ कीर्ति आजाद की सक्रियता से बढ़ी तुलना
वहीं दूसरी ओर बर्दवान-दुर्गापुर के सांसद कीर्ति आजाद लगातार चुनावी प्रचार में सक्रिय हैं। इससे दोनों नेताओं के बीच तुलना और भी तेज हो गई है।
🗳️ 23 अप्रैल को मतदान, माहौल हुआ आक्रामक
जिले की 9 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होना है। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, चुनावी रणनीति और हमले दोनों तेज हो रहे हैं।
🎯 सियासी संदेश साफ—मुकाबला अब सीधा और तीखा
विश्लेषकों का मानना है कि पोस्टर वॉर यह दिखाता है कि आसनसोल में चुनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। विपक्ष इसे जनता की आवाज बता रहा है, जबकि सत्ताधारी दल इसे साजिश करार दे सकता है।

