नीट परीक्षा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के मामले में बिहार पुलिस की जांच और तेज हो गई है। अब इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए SIT का गठन कर दिया गया है। लखीसराय जिले के सेंटरों पर स्कॉलर पकड़े जाने के मामले पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मामले की गहराई से जांच के लिए 12 सदस्यीय SIT का गठन किया है।
डीआईजी के नेतृत्व में 12 सदस्यीय एसआईटी
लखीसराय के किऊल और कवैया थाना में नीट री-एग्जाम फर्जीवाड़े मामले में दर्ज तीन मामलों की जांच अब SIT ने अपने हाथ में ले ली है। ईओयू के एजीडी के निर्देश पर डीआईजी के नेतृत्व में 12 सदस्यीय एसआईटी बनाई गई है। इस टीम का नेतृत्व DIG स्तर के अधिकारी करेंगे। बता दें कि इस टीम में एक DIG, एक एसपी, 5 डीएसपी और 5 इंस्पेक्टर शामिल किए गए है।
अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए भेजेगी नोटिस
एसआईटी आज नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(एनटीए) को संदिग्ध रोल नंबर भेजेगी, ताकि असली अभ्यर्थियों के पते का पता लगाया जा सके। एड्रेस मिलते ही एसआईटी इन मूल अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजेगी। यदि नोटिस मिलने के बाद भी अभ्यर्थी हाजिर नहीं होते हैं, तो एसआईटी की टीम सीधे उनके घर जाकर उनसे पूछताछ करेगी।
पूछताछ के लिए नहीं पहुंचने पर घर पहुंचेगी टीम
नोटिस मिलने के बावजूद अभ्यर्थी पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं होते हैं, तो SIT की टीम उनके घर जाकर पूछताछ करेगी। ऐसे में यह टीम अब पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क को पूरी तरह खंगालेगी।
लखीसराय से 9 सॉल्वर हुए थे गिरफ्तार
बता दें कि 21 जून को लखीसराय जिले के 3 परीक्षा केंद्रों पर फर्जीवाड़ा करते हुए 9 सॉल्वर गिरफ्तार किए गए थे। इसके अलावा एक मूल अभ्यर्थी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था। जहां जांच के दौरान बायोमैट्रिक सिस्टम में छेड़छाड़ करने के आरोप में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा 2 अन्य सहयोगियों की भी गिरफ्तारी हुई थी। जहां इस पूरे मामले में तीन अलग-अलग थानों में FIR दर्ज की गई थी, जिन्हें अब EOU ने अपने कब्जे में ले लिया है। तीनों FIR की जांच भी अब SIT द्वारा की जाएगी।

