डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : बिष्टुपुर के डीडी बार के बाहर करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। जनता के भारी आक्रोश और बढ़ते दबाव के बीच जमशेदपुर का पुलिस महकमा अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुका है। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन एसएसपी पीयूष पांडेय को हटाकर कमान नवनियुक्त वरीय पुलिस अधीक्षक एहतेशाम वकारिब के हाथों में सौंप दी है। पदभार संभालते ही नए एसएसपी के सामने शहर की बिगड़ी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और फरार हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजने की सबसे बड़ी चुनौती है।
6 SIT गठित, सिटी और ग्रामीण SP खुद संभाल रहे कमान
फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के लिए छह विशेष जांच दल का गठन किया गया है। मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन टीमों का नेतृत्व खुद सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, सीसीआर डीएसपी और दो मुख्यालय डीएसपी जैसे आला अधिकारी कर रहे हैं। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार औचक छापेमारी कर रही हैं।
अपराधियों में दिखना चाहिए पुलिस का खौफ–एडीजी की दो टूक
बुधवार रात नौ से 11 बजे तक चली एक उच्च स्तरीय मैराथन बैठक में एडीजी ने कोल्हान डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा और नए एसएसपी समेत सभी थाना प्रभारियों के साथ घटनाक्रम की बारीकी से समीक्षा की। एडीजी ने सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि अपराधियों के खिलाफ बिना किसी ढील के विशेष अभियान चलाया जाए। जांच पूरी तरह वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित हो, ताकि कोर्ट से अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि विवाद की जड़ बने डीडी बार को प्रशासन पहले ही सील कर चुका है।
कल जमशेदपुर बंद: चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात, उपद्रवियों को सीधी चेतावनी
हिमांशु सिंह की हत्या के विरोध में भाजपा द्वारा शुक्रवार 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया गया है। जनता के आक्रोश और बंद को देखते हुए शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मानगो, आदित्यपुर समेत शहर के तमाम संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट आदेश हैं कि बंद के दौरान कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले या तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों से पूरी सख्ती से निपटा जाए। नए एसएसपी एहतेशाम वकारिब के नेतृत्व में जमशेदपुर पुलिस के सामने अब यह साबित करने की चुनौती है कि शहर में कानून का राज है और अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ अभी खत्म नहीं हुआ है।

