पूर्व विधायक बोले- रोज़-रोज़ के अपमान से बेहतर है सम्मान के साथ पद छोड़ें, अफसरों के सामने मंत्री की बेबसी पलामू का अपमान।
भवनाथपुर के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने राज्य के मंत्री राधाकृष्ण किशोर को एक खुला पत्र लिखकर इस्तीफा देने की सलाह दी है। पत्र में उन्होंने दावा किया कि मंत्री पद पर रहने के बावजूद अधिकारियों द्वारा उनकी बात नहीं सुनी जा रही है, जिससे उनकी राजनीतिक छवि प्रभावित हो रही है।
भानु प्रताप शाही ने अपने पत्र में लिखा कि यदि एक कैबिनेट मंत्री की बात भी अधिकारी नहीं मान रहे हैं, तो यह केवल अधिकारियों का फैसला नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे सरकार या उच्च स्तर की मौन सहमति हो सकती है, क्योंकि बिना शीर्ष स्तर के समर्थन के कोई अधिकारी मंत्री की अनदेखी करने का साहस नहीं कर सकता।
पूर्व विधायक ने पत्र में यह भी कहा कि वर्तमान सरकार को अब स्वाभिमानी और सिद्धांतवादी नेताओं की आवश्यकता नहीं है, बल्कि ऐसे लोगों की जरूरत है जो हर निर्णय पर बिना सवाल किए सहमति जताएं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री राधाकृष्ण किशोर को लगातार ऐसी स्थिति में रखा जा रहा है, जिससे वे स्वयं इस्तीफा देने को मजबूर हो जाएं।
भानु प्रताप शाही ने मंत्री से अपील करते हुए कहा कि रोज़-रोज़ अपमान सहने से बेहतर है कि वे सम्मानपूर्वक मंत्री पद छोड़ दें और अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलकर आवाज़ उठाएं। उनके अनुसार, ऐसा करने से न केवल मंत्री का बल्कि पलामू का राजनीतिक सम्मान भी सुरक्षित रहेगा।
पत्र के अंत में उन्होंने कहा कि पलामू की जनता अपने नेता को अधिकारियों के सामने बेबस और लाचार नहीं देखना चाहती। उन्होंने मंत्री राधाकृष्ण किशोर से आत्मसम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जल्द कोई साहसिक निर्णय लेने की अपील की।

