डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स ने पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबिलिटी की दिशा में एक बेहद ऐतिहासिक कदम उठाया है। कंपनी ने अपने सबसे बड़े और मुख्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट—जमशेदपुर प्लांट सहित देश के कई अन्य प्रमुख संयंत्रों को पूरी तरह से इको-फ्रेंडली बनाने के लिए कमर कस ली है। इसके तहत टाटा मोटर्स ने क्लीन एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेलस्पन रिन्यूएबल एनर्जी के साथ एक बड़ा पावर परचेज एग्रीमेंट साइन किया है। इस समझौते के बाद अब टाटा मोटर्स के कारखानों को हवा और धूप (विंड और सोलर) से तैयार होने वाली शुद्ध हरित ऊर्जा मिलेगी।
क्या है यह मेगा प्रोजेक्ट और डील?
मुंबई में हुए इस समझौते के मुताबिक दोनों कंपनियां मिलकर 86 मेगावाट की क्षमता वाला एक हाई-टेक विंड-सोलर हाइब्रिड पावर प्लांट स्थापित करने जा रही हैं।
इन 4 राज्यों को मिलेगा सीधा फायदा: इस हाइब्रिड प्लांट से मिलने वाली ग्रीन एनर्जी की सप्लाई टाटा मोटर्स के जमशेदपुर (झारखंड), उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक स्थित चारों बड़े प्लांट्स को की जाएगी।
बिजली का बंपर उत्पादन: हवा और धूप के इस अनोखे कॉम्बिनेशन से हर साल करीब 20 करोड़ (200 मिलियन) यूनिट बिजली पैदा की जाएगी।
पर्यावरण को बड़ी संजीवनी: 1.4 लाख टन कम होगा कार्बन उत्सर्जन
औद्योगिक नगरी जमशेदपुर और देश के वायुमंडल के लिहाज से इस कदम को एक बड़ा गेम-चेंजर माना जा रहा है।
प्रदूषण पर कड़ा प्रहार: रिन्यूएबल एनर्जी के इस बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से सालाना 1.4 लाख टन से भी अधिक कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के उत्सर्जन में कमी आएगी।
जमशेदपुर की हवा होगी साफ: इस पहल से जमशेदपुर और आसपास के इलाकों को प्रदूषण मुक्त रखने और पर्यावरण को सुरक्षित बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
‘मिशन 2030′: फैक्ट्रियों को पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त बनाने का संकल्प
टाटा मोटर्स वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) विशाल बादशाह ने बताया कि टाटा मोटर्स का विजन बेहद स्पष्ट है। हमारा लक्ष्य है कि साल 2030 तक कंपनी की सभी फैक्ट्रियां 100% रिन्यूएबल एनर्जी पर काम करने लगें। वेलस्पन के साथ हुआ यह समझौता इस बड़े लक्ष्य को समय से पहले पूरा करने में हमारा सबसे मददगार साथी साबित होगा।
भारतीय उद्योग जगत के लिए बनेगा रोल मॉडल
वेलस्पन रिन्यूएबल एनर्जी के एमडी और सीईओ कपिल माहेश्वरी ने इस साझेदारी को गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि यह सिर्फ कागजों तक सीमित रहने वाला समझौता नहीं है। बल्कि हम भारत के सबसे बड़े हैवी इंडस्ट्रीज में से एक को पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त करने का एक नया और व्यावहारिक मॉडल पेश कर रहे हैं, जो आने वाले समय में देश के अन्य उद्योगों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।

