डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में बीते 14 और 15 अप्रैल को हुए गेट घेराव मामले ने अब कानूनी तूल पकड़ लिया है। कंपनी प्रबंधन की शिकायत के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेता बंटी सिंह समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र में मज़दूर राजनीति और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ने के आसार दिख रहे हैं।
कंपनी प्रबंधन का आरोप: ‘अवैध’ था प्रदर्शन
टाटा मोटर्स के सुरक्षा अधिकारी (टेल्को कॉलोनी निवासी) शशि कुमार किजहक केमडोम गोपीनाथन नायर की लिखित शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
दर्ज मामले के अनुसार
आंदोलनकारियों पर गेट नंबर 1 पर अवैध रूप से धरना देने का आरोप है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं जैसे 192 (2), 190, 126 (2), 352, 351 (2), और 329 के तहत केस दर्ज किया गया है।
बंटी सिंह का पलटवार: ‘आग में घी का काम करेगा यह केस’
मुकदमा दर्ज होने के बाद आंदोलनकारी नेता बंटी सिंह (निवासी रोड नंबर 3, गोविंदपुर) ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रबंधन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हमने आंदोलन की पूर्व सूचना SDO कार्यालय और आवासीय कार्यालय को ईमेल के माध्यम से दे दी थी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन खुद वहां मौजूद थे। वहां हमारे साथ धक्का-मुक्की हुई और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, लेकिन अब उलटा हम पर ही केस दर्ज किया जा रहा है।
मज़दूर हक की लड़ाई होगी और तेज
बंटी सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे इस तरह की कानूनी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने इस FIR को आग में घी बताते हुए चेतावनी दी है कि मज़दूरों के हक की यह लड़ाई अब और भी उग्र होगी।

