“पटना से आदेश के बाद ही एनकाउंटर हुआ”, भरत भूषण तिवारी के घर पहुंचे प्रशांत किशोर का बड़ा बयान

Neelam
By Neelam
4 Min Read

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार का सियासी पारा चरम पर है। राजनीतिक दलों के नेताओं का बिलौटी गांव पहुंचने का सिलसिला भी जारी है। इस बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी भरत भूषण तिवारी के गांव पहुंचे और परिवार के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने गांव पहुंचकर भरत की मां, भाभी और बहन से बात की। इस दौरान प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी एनकाउंटर को हत्या बताते हुए राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए।

कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए

प्रशांत किशोर ने परिवार का पक्ष सुनने के बाद घटना को लेकर बिहार सरकार तथा प्रशासन पर तीखा हमला बोला। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि मामले में अब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और पूरा घटनाक्रम कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

भरत तिवारी की हत्या पूरी तरह से सरकार प्रायोजित-पीके

प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस तरह से सरकार और पुलिस के संरक्षण में इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया इससे यह साबित होता है कि बिहार में सरकार और शासन नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने कहा कि और इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी बिहार के मुखिया अभी तक अपने पद पर बने हुए हैं जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। मृतक की मां बार-बार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगा रही है। लेकिन उनकी एक नहीं सुनी जा रही है। यह भरत तिवारी की हत्या पूरी तरह से सरकार के द्वारा प्रायोजित हत्या है।

गृह विभाग की भूमिका पर उठाया सवाल

प्रशांत किशोर ने इस मामले में गृह विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सिर्फ पुलिसवालों पर कार्रवाई नहीं, बल्कि बिहार के गृह मंत्रालय से आदेश देने वालों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि पटना से आदेश के बाद ही एनकाउंटर हुआ है, बिना आदेश के ऐसी कार्रवाई नहीं होगी।

प्रशांत किशोर का सम्राट चौधरी को 15 दिनों का अल्टीमेटम

पीके ने इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर सम्राट सरकार को चेतावनी भी दे डाली है। पीके ने कहा कि अगर 15 दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं होती है, तो जितनी भीड़ यहां है इससे ज्यादा भीड़ सम्राट चौधरी के आवास के बाहर होगी।

हम भरत तिवारी के परिवार की ओर से मांग कर रहे हैं- प्रशांत किशोर

जन सुराज पार्टी के संस्थापक ने कहा, हम उनकी मां भाभी और बहन की ओर से मांग कर रहे हैं कि न्याय का मतलब है जिन लोगों ने हत्या को अंजाम दिया है उसके साथ-साथ उन लोगों की भी जांच हो जिनके कहे पर हत्या को अंजाम दिया गया है। जिन्होंने वो परिस्थिति बनाई, वो पागल नहीं था आपने व्यवस्था और अफसरों ने उसे उस मानसिक दशा में पहुंचा दिया था जहां उसे ये समझ नहीं आ रहा था कि कैसे इनसे डील करें।

Share This Article