अस्पताल में मदद का मुखौटा पहनकर घूम रहा था जालसाज, एक गलती और पहुंच गया सलाखों के पीछे

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : चाईबासा के सदर अस्पताल में एक मरीज के लाचार परिजन को खून दिलाने का झांसा देकर 4,700 रुपये ठगने वाले जालसाज का खेल आखिरकार खत्म हो गया। पीड़ित पति की सतर्कता और सूझबूझ के चलते आरोपी अगले ही दिन रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला?
​सोनुवा के देवावीर गांव के रहने वाले बुधराम गोप अपनी पत्नी ललिता के इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों ने स्थिति देखते हुए तुरंत ब्लड का इंतजाम करने को कहा। परेशान बुधराम जब ब्लड बैंक के पास पहुंचे, तो वहां घात लगाए बैठे ठग ने खुद को मददगार बताकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।

मदद के नाम पर चूना: आरोपी ने ब्लड का जल्द इंतजाम कराने का भरोसा दिया और कागजी प्रक्रिया के नाम पर बुधराम से 4,700 रुपये ऐंठ लिए।
रुपये लेकर रफूचक्कर: पैसे मिलते ही आरोपी मौके से गायब हो गया। काफी देर इंतजार करने के बाद पीड़ित को समझ आया कि वह ठगी का शिकार हो चुके हैं।

ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
​दूसरे दिन बुधराम जब फिर अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचे, तो किस्मत से वही ठग दोबारा वहां घूमता नजर आया। बुधराम ने बिना मौका गंवाए उसे मौके पर ही धर दबोचा और तुरंत पुलिस को इत्तिला दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसकी पहचान संजय सोलंकी के रूप में हुई। वह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गुटुसाई में किराये के मकान में रहता है।

पुलिस कार्रवाई और अलर्ट
​सदर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस (कांड संख्या 73/2026) दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या वह पहले भी अस्पताल परिसर में मरीजों के परिजनों को अपना शिकार बना चुका है।

पुलिस की अपील: अस्पताल, बैंक या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अनजान लोगों पर भरोसा न करें और किसी को पैसे न दें। संदिग्ध दिखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या 112 पर संपर्क करें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।

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