झारखंड के गोड्डा जिले के परासी गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हैरानी और आस्था के बीच खड़ा कर दिया है। यहां अचानक जमीन फट गई और उसमें से तेज धार के रूप में पानी निकलने लगा। इस नजारे को देखकर लोग दंग रह गए—किसी के लिए यह प्रकृति का खेल है, तो किसी के लिए सीधा चमत्कार।
सुबह की सैर बनी सनसनी:
बताया जा रहा है कि गांव के कुछ युवक सुबह टहलने निकले थे। तभी उनकी नजर खेत के एक हिस्से पर पड़ी, जहां जमीन से पानी की तेज धाराएं फूट रही थीं। पहले तो उन्हें भ्रम लगा, लेकिन पास जाकर देखा तो हकीकत सामने थी। खबर मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
जहां 400 फीट बोरिंग में पानी नहीं, वहां खुद फूट पड़ा जल!
ग्रामीणों के मुताबिक, जिस जगह से पानी निकल रहा है, वहां पहले 400 फीट तक बोरिंग करने के बावजूद पानी नहीं मिला था। ऐसे में अचानक जमीन से पानी का फूटना लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा।
‘मां गंगा प्रकट हुई हैं’—पूजा-अर्चना शुरू
घटना के बाद गांव की महिलाओं और बुजुर्गों ने इसे मां गंगा का प्रकट होना मान लिया। मौके पर धूप, फूल, अगरबत्ती और चंदन के साथ पूजा शुरू हो गई। दूर-दराज के गांवों से भी लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
भीषण गर्मी में ‘जल का चमत्कार’ बना उम्मीद
जहां एक तरफ गर्मी और सूखे ने लोगों को परेशान कर रखा है, वहीं इस घटना ने ग्रामीणों में नई उम्मीद जगा दी है। कई लोग इसे भगवान शिव की जटाओं से निकली गंगा का धरती पर अवतरण मान रहे हैं।
वैज्ञानिक क्या कहते हैं?
जानकारों का मानना है कि यह घटना भूगर्भीय दबाव, जलस्तर में बदलाव या भूमिगत जल स्रोत के अचानक खुलने के कारण हो सकती है। लेकिन फिलहाल गांव में आस्था का माहौल पूरी तरह हावी है।
मंदिर बनाने की मांग तेज
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस स्थान पर मंदिर निर्माण की मांग की है, ताकि इसे एक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। लोगों का कहना है कि अगर सब ठीक रहा तो जल्द ही यहां मंदिर निर्माण शुरू हो सकता है।
परासी गांव का यह स्थान अब सिर्फ एक खेत नहीं, बल्कि आस्था और जिज्ञासा का केंद्र बन चुका है—जहां हर दिन बढ़ती भीड़ इस सवाल को और गहरा कर रही है:
“ये चमत्कार है या प्रकृति का अनोखा खेल?”

