हजारीबाग: जिले के ईचाक प्रखंड अंतर्गत अम्बाटांड़ और आरा गांव के सीमावर्ती जंगलों में अचानक आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें और धुआं उठता देख आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में जंगल की ओर दौड़े और बिना किसी विशेष संसाधन के घंटों कड़ी मेहनत कर आग पर काबू पाया।
ग्रामीणों के अनुसार आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। हालांकि गर्मी के मौसम में महुआ चुनने के दौरान जंगलों में आग लगाने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचता है।
डाढ़ा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दयानन्द कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष जंगल में आग लगाने वालों की सूचना देने पर इनाम की घोषणा की गई थी। इस पहल के बाद ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है। उन्होंने लोगों से जंगलों को सुरक्षित रखने की अपील करते हुए कहा कि आगजनी से पेड़-पौधों के साथ-साथ वन्य जीवों को भी गंभीर नुकसान होता है और इसका सीधा असर पर्यावरण पर पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जंगलों में निगरानी बढ़ाने और आग रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

