बिहार बंद के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक टकराव के बाद अब प्रदेश की सियासत और गरमा गई है। इस बीच लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी ने पारा और चढ़ा दिया है। करीब 24 दिनों के विदेश दौरे के बाद रविवार को पटना लौटे बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की सम्राट चौधरी सरकार पर तीखा हमला बोला।
सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम
तेजस्वी यादव ने सरकार की ओर से छात्रों की आवाज दबाने के लिए उन पर मुकदमे दर्ज करने की कड़ी निंदा की। तेजस्वी ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे के अंदर आंदोलनकारी छात्रों और उनके भाई तेज प्रताप यादव पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो आरजेडी पूरे राज्य में व्यापक आंदोलन करेगी।
भाई तेज प्रताप की गिरफ्तारी पर सरकार को घेरा
तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन, पेपर लीक, अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। सीएम के लिए भी कई तीखे शब्द कहे। तेजस्वी ने कहा कि पटना समेत कई जिलों में छात्रों पर जिस तरह लाठीचार्ज किया गया और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, वह किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्रों पर कार्रवाई को बताया अलोकतांत्रिक
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र-छात्राओं पर एफआईआर दर्ज कर दी गई है। उनका आरोप था कि सिवान में छात्रों पर एके-47 से फायरिंग हुई, जिसमें तीन छात्र घायल हुए।
पुलिस फायरिंग पर सवाल
सीवान की घटना को लेकर तेजस्वी यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर गोली चलाई गई और इसके लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। तेजस्वी ने गिरफ्तार छात्रों को भी तत्काल छोड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि आंदोलन में शामिल छात्रों और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। तेजस्वी यादव ने साफ कहा है कि अगर गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया गया तो छात्र फिर सड़क पर उतरेंगे।
सम्राट चौधरी पर भी साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘सड़कछाप अपराधी प्रवृत्ति वाला व्यक्ति’ बताते हुए आरोप लगाया कि लाठी और सरकारी तंत्र के बल पर बिहारियों की आवाज नहीं दबाई जा सकती। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि उन्हें न तो अपने चेहरे पर और न ही अपने काम के आधार पर जनादेश मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर कई मुकदमे दर्ज हैं, वही सत्ता चला रहे हैं और पुलिस का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि पुलिस को भी राजनीतिक दबाव में काम करना पड़ रहा है।

