डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : झारखंड के सुदूर ग्रामीण अंचलों और जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को आसान बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला आयुष समिति की महत्वपूर्ण बैठक में आयुष योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे उपायुक्त राजीव रंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक सक्रिय होने की जरूरत है।
स्कूलों और गांवों में चलेगा जागरूकता अभियान
प्रशासन की ओर से तैयार नई रूपरेखा के तहत जिले के सभी प्रखंडों और शिक्षण संस्थानों में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों के माध्यम से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आदिम जनजातीय समुदायों को न केवल स्वास्थ्य लाभ मिलेगा, बल्कि उन्हें योग, संतुलित आहार और स्वस्थ दिनचर्या के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा ऑस्टियोअर्थराइटिस कैंप, वयोमित्र कैंप, ‘आयुर्विद्या करुणा’ और ‘आयुष ग्राम’ जैसी योजनाओं को युद्ध स्तर पर लागू करने पर सहमति बनी है।
जल्द शुरू होगा कदमा का धनवंतरी आयुष अस्पताल
बैठक में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। कदमा में नवनिर्मित 50 बेड वाले धनवंतरी आयुष अस्पताल के संचालन का रास्ता जल्द साफ होने की उम्मीद है। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि अस्पताल भवन में बिजली कनेक्शन और अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाओं के कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को इस अत्याधुनिक आयुष अस्पताल का लाभ मिल सके।
आदिम जनजातीय बस्तियों पर रहेगा खास फोकस
स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव वाले दूर-दराज के गांवों और विशेष रूप से आदिम जनजातीय बस्तियों में विशेष मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श के साथ-साथ स्वच्छता और पोषण से जुड़ी जानकारियां भी साझा की जाएंगी, ताकि ग्रामीण अपनी जीवनशैली में सुधार ला सकें।
इस उच्चस्तरीय बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल समेत पेयजल स्वच्छता विभाग, शिक्षा विभाग, जेएसएलपीएस और आयुष विभाग के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

