89 साइबर शिकायतों से जुड़ा 83.23 करोड़ का नेटवर्क
द्वारका जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ ने मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक नेटवर्क से देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 89 साइबर ठगी की शिकायतें जुड़ी हैं, जिनमें करीब 83.23 करोड़ रुपये की रकम शामिल है। कार्रवाई में 109 चेकबुक, 12 मोबाइल फोन और बैंक खातों व फर्जी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं।
संदिग्ध बैंक खाते से खुला ठगी की रकम का राज
एफआईआर नंबर 101/26 के तहत थाना द्वारका नॉर्थ में दर्ज मामले की जांच में साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की शिकायतों का विश्लेषण किया गया। इसी दौरान द्वारका सेक्टर-23ए स्थित यस बैंक का एक संदिग्ध खाता सामने आया, जिसमें तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों की साइबर ठगी की रकम पहुंची थी। पुलिस ने जांच के दौरान 1,14,84,394 रुपये की रकम होल्ड कराई है।
फर्जी फर्मों और खातों के जरिए रकम का खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग नामों से बैंक खाते और फर्म खुलवाकर ठगी की रकम को कई खातों में ट्रांसफर करते थे और बाद में नकद निकाल लेते थे। कुछ म्यूल बैंक खाते नौकरी या वेतन खाता खुलवाने का झांसा देकर मासूम लोगों के नाम पर खुलवाए गए थे। यस बैंक, फेडरल बैंक और एसबीआई समेत कई बैंकों के खातों और फर्मों के इस्तेमाल का पता चला है।
मुख्य हैंडलर समेत छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक चेतन सहरावत इस सिंडिकेट का मुख्य हैंडलर था और बाकी आरोपी उसके निर्देश पर काम करते थे। गिरफ्तार आरोपियों में चेतन सहरावत के अलावा शक्ति गुर्जर, धर्मेंद्र कुमार, तरुण, दीपक और गौरव कादियान शामिल हैं। चेतन के गौरव कादियान और माही इनोवेटिव सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से वित्तीय लेनदेन भी सामने आया है।
USDT-बाइनेंस कनेक्शन की भी जांच
पूछताछ में चेतन सहरावत ने कथित तौर पर USDT और Binance से जुड़े लेनदेन में शामिल होने की बात बताई है। एफआईआर के बाद वह थाईलैंड और फिर दुबई भाग गया था, लेकिन LOC जारी होने के बाद आईजीआई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। तरुण को भी दुबई भागने की कोशिश के दौरान मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पकड़ा गया। पुलिस अब मोबाइल फोन, डिजिटल और क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन की जांच कर ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

