बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी तमाम अटकलों और अफवाहों पर भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ण विराम लगा दिया है। बीजेपी ने राज्यसभा दो सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम का औपचारिक ऐलान कर दिया है। पार्टी ने जहां एक ओर नितिन नवीन को उम्मीदवार बनाया है, वहीं दूसरी ओर शिवेश कुमार राम के नाम की घोषणा कर सबको चौंका दिया है।
नितिन नवीन और शिवेश राम का निर्विरोध चुने जाने की संभावना
बिहार विधानसभा में मौजूदा संख्याबल को देखते हुए बीजेपी के दोनों उम्मीदवारों का राज्यसभा पहुंचना तय माना जा रहा है। बीजेपी के पास दोनों को राज्यसभा भेजने के लिए पर्याप्त विधायकों का समर्थन है, जिससे नितिन नवीन और शिवेश राम का निर्वाचन निर्विरोध होने की पूरी संभावना है। बीजेपी ने सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इन दोनों पर अपना दांव लगाया है।
कौन हैं नितिन नवीन?
नितिन नवीन को बिहार भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिना जाता हैं। नितिन हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। पांच बार विधायक रह चुके नबीन बिहार के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और बिहार सरकार में मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। पार्टी संगठन में मजबूत पकड़ और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें राज्यसभा भेजे जाने का फैसला अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि कायस्थ समाज से आने वाले नितिन नवीन को राज्यसभा भेजकर भाजपा ने सामाजिक और राजनीतिक संतुलन दोनों को साधने की कोशिश की है। नितिन नवीन का नाम पहले से ही संभावित उम्मीदवारों की सूची में चर्चा में था। बिहार के बाद अब नितिन नवीन राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में राज्यसभा में उनकी मौजूदगी भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कौन हैं शिवेश राम?
बिहार की राजनीति में शिवेश कुमार राम एक जाना पहचाना नाम है। उन्हें राजनीति विरासत में मिली है, लेकिन उनकी पहचान एक कर्मठ और जमीनी नेता के रूप में रही है। उनके परिवार का बीजेपी के साथ दशकों पुराना और गहरा नाता है। शिवेश राम के पिता मुन्नीलाल बीजेपी के दिग्गज नेताओं में से थे। ऐसे में शिवेश राम ने अपने पिता को देखते हुए राजनीति के गुर सीखे। बीजेपी के राज्यसभा उम्मीदवार बने शिवेश राम भोजपुर जिले की एकमात्र सुरक्षित सीट अगीआंव (अहिगांव) से विधायक रह चुके हैं। साल 2010 में इस सीट पर हुए पहले चुनाव में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। 2024 का लोकसभा चुनाव भी शिवेश राम लड़े थे, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी ने संगठन के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजकर उनके अनुभव और दलित समाज में उनकी पकड़ पर भरोसा जताया है।
जदयू ने अभी तक नहीं किया अपने कैंडिडेट के ऐलान
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों खाली हो रही हैं। खाली हो रही पांचों सीटों पर बीजेपी से कोई सांसद नहीं हैं। अभी जो रिटायर हो रहे हैं, उनमें आरजेडी के दो, जेडीयू के दो और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। इन पांच सीटों के लिए बीजेपी ने अपने अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश कुमार राम को उम्मीदवार बनाया है। वहीं एनडीए के खाते से उपेंद्र कुशवाहा को पांचवी सीट के लिए फाइट करनी ही होगी। जबकि जदयू की तरफ से अभी तक अपने कैंडिडेट के ऐलान नहीं किया गया है। जेडीयू अपने कोटे की दो सीटों पर उम्मीदवार देगी। जेडीयू की तरफ से सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उच्च सदन भेजे जाने की चर्चा है। हालांकि, माना जा रहा है कि नीतीश कुमार नहीं चाहते कि उनकी राजनीति की करीब-करीब अंतिम पारी में उन पर परिवारवाद का दाग लगे, इसीलिए वो इस पर हामी नहीं भर रहे। इसी को लेकर बात अटक गई है।

