वेस्ट बोकारो में नारी शक्ति का संगम, मांडू की 198 महिलाओं ने मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

KK Sagar
3 Min Read

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वेस्ट बोकारो में टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) की ओर से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मांडू प्रखंड की विभिन्न पंचायतों की 198 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य संवाद, प्रेरणा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था।

इस कार्यक्रम में सरूबेड़ा, बरूघुटू पूर्व, बरूघुटू मध्य, बरूघुटू उत्तर, सोनडीहा, बड़गांव, नवाडीह, केदला मध्य, केदला दक्षिण, पुंडी और हेसागढ़ा पंचायतों की महिला प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को अपना स्वयं का उद्यम शुरू करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में मांडू प्रखंड प्रमुख चंद्रमणि देवी, बरूघुटू पूर्व की मुखिया विभा देवी, बरूघुटू मध्य की मुखिया सावित्री देवी, केदला मध्य की मुखिया पूजा देवी, केदला दक्षिण की मुखिया अनीता देवी, सोनडीहा की मुखिया तरुणा देवी तथा वेस्ट बोकारो के यूनिट लीड आदित्य कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने महिलाओं को निरंतर सीखने, आत्मसशक्तिकरण और विभिन्न कौशल विकसित करने के महत्व पर जोर देते हुए सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाएं दिशा कार्यक्रम, कृषि पहल और उद्यमिता विकास जैसी पहलों के माध्यम से टाटा स्टील फाउंडेशन से जुड़ी हुई हैं। ये पहल क्षेत्र में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक अवसरों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान जुम्बा एरोबिक्स के माध्यम से शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही स्थानीय समुदाय की प्रतिभा और उत्साह को दर्शाते हुए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में टाटा स्टील फाउंडेशन ने मांडू प्रखंड की 14 पंचायतों में अपनी पहल को और मजबूत किया है। इसके तहत 13 नए स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बनाए गए हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 155 एसएचजी हो गई है, जिनमें 1,983 महिलाएं सदस्य के रूप में जुड़ी हैं।

इनमें से 163 एसएचजी की सदस्यों ने दिशा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीनों मॉड्यूल सफलतापूर्वक पूरे किए हैं, जिससे प्रशिक्षित महिलाओं की संख्या भी 1,983 हो गई है। वहीं 550 महिलाओं ने जमशेदपुर में आयोजित दिशा दीक्षांत समारोह में भाग लेकर अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाया।

इसके अलावा इस वर्ष 36 छोटे सामुदायिक उद्यम स्थापित किए गए हैं, जिनमें 108 एसएचजी सदस्य शामिल हैं। ये उद्यम बांस शिल्प, स्वादकार्ट, मशरूम उत्पादन, सिलाई, चॉक निर्माण, मुरमुरा तथा पेपर प्लेट निर्माण जैसी गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।

आधुनिक आजीविका को बढ़ावा देने के लिए 1,228 एसएचजी महिलाओं ने डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण पूरा किया है। इनमें से 548 महिलाओं ने मूल्यांकन परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर आवश्यक डिजिटल कौशल हासिल किए हैं, जो उनकी आर्थिक गतिविधियों और उद्यमिता को आगे बढ़ाने में सहायक होंगे।

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....