बिहार की पांच राज्यसभा सीट के लिए वोटिंग चल रही है। शाम चार बजे तक वोट डाले जाएंगे। अब तक ज्यादातर विधायकों ने वोट डाल दिया। वहीं, कांग्रेस के तीन विधायक अब तक वोट डालने विधानसभा नहीं पहुंचे हैं। राजद के भी एक विधायक अभी वोटिंग नहीं की है।
महागठबंधन का खेल बिगड़ा
राष्ट्रीय जनता दल के एक और कांग्रेस के तीन विधायक अब तक मतदान करने नहीं पहुंचे हैं। इससे महागठबंधन खेमे में टेंशन बढ़ गई है। आइए जानते हैं वो 4 विधायक कौन हैं जिन्होंने ऐन मौके पर महागठबंधन का खेल बिगाड़ दिया है।
सुरेंद्र कुशवाहा
वाल्मीकिनगर क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र कुशवाहा पहली बार विधायक बने हैं। 2015 में वे उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम से चुनाव भी लड़ चुके हैं। तब उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार रिंकू सिंह ने चुनाव हराया था। बाद में रिंकू जदयू में शामिल हो गए और सुरेंद्र कुशवाहा कांग्रेस में। 2020 के चुनाव में सुरेंद्र कुशवाहा ने जदयू उम्मीदवार को 1675 वोट से हराया। हालांकि वे पहले से ही एनडीए कैंप में आने की कोशिश कर रहे थे। राज्यसभा चुनाव के दौरान उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ने उनसे मुलाकात की थी। सुरेंद्र कुशवाहा बिहार विधानसभा की याचिका समिति के सदस्य भी हैं।
मनोज विश्वास
फारबिसगंज विधायक मनोज विश्वास पहली बार सदन पहुंचे हैं। वे महज 221 वोट से चुनाव जीते थे। कांग्रेस में आने से पहले वे राजद और जदयू में भी रह चुके हैं। 2019 में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष थे। बाद में राजद में शामिल हुए। इस बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा। वे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के करीबी माने जाते थे।
मनोहर प्रसाद
कांग्रेस नेता मनोहर प्रसाद कटिहार जिले की मनिहारी सीट से विधायक चुने गए हैं। क्षेत्र में उनकी पहचान एक जमीनी नेता के रूप में मानी जाती है। राज्यसभा चुनाव के दौरान उनके विधानसभा नहीं पहुंचने से कांग्रेस खेमे में चिंता बढ़ गई।
फैसल रहमान
महागठबंधन चौथे विधायक ढाका से आने वाले फैसल रहमान हैं, जो आरजेडी के टिकट पर विधायक बने। पूर्वी चंपारण की ढाका सीट से उनका मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। राज्यसभा चुनाव में उनके देर से विधानसभा पहुंचने की खबर ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया। खासकर मुस्लिम चेहरे के तौर पर फैसल रहमान का चुनाव में अब तक शामिल नहीं होना तेजस्वी के लिए बड़ी टेंशन की बात है।
महागठबंधन में क्रॉस वोटिंग का दावा
वोटिंग के दौरान एनडीए के नेताओं ने महागठबंधन में क्रॉस वोटिंग का दावा किया था। अगर, कांग्रेस के विधायक महागठबंधन प्रत्याशी के समर्थन में वोटिंग नहीं करते हैं, तो राज्यसभा की एक सीट भी आरजेडी की हाथ से निकल जाएगी। पांचों सीटों पर एनडीए का कब्जा हो जाएगा। आरजेडी कैंडिडेट अमरेंद्र धारी सिंह चुनाव हार जाएंगे।

