बिहार में ‘क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप’ का गठन, ईरान-इजराइल जंग के बीच अलर्ट मोड में आई नीतीश सरकार

Neelam
By Neelam
3 Min Read

एक तरफ ईरान-अमेरिका-इजरायल में युद्ध हो रहा है तो दूसरी ओर इसकी वजह से देश में एलपीजी और नेचुरल गैस की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ रहा है। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की ओर से भले दावा किया जा रहा है कि एलपीजी का स्टॉक है लेकन बिहार में भी गैस की भारी किल्लत वाली तस्वीरें सामने आई हैं। प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता को लेकर राज्य की नीतीश सरकार अलर्ट मोड में आ गई है।

बिहार में ‘क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप’ का गठन

बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने उच्चस्तरीय ‘क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप’ (CMG) का गठन किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तुरंत बाद, राज्य सरकार ने एक ‘क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप’ (CMG) के गठन का आदेश जारी किया है। यह समूह अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण बिहार में पैदा होने वाली किसी भी आपात स्थिति, जैसे महंगाई, खाद्यान्न की कमी या प्रवासियों की सुरक्षा से निपटने के लिए जिम्मेदार होगा।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगा काम

यह समूह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्य करेगा। इसमें विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जिनमें विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, तथा कृषि, स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, सहकारिता, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, ऊर्जा, परिवहन तथा आपदा प्रबंधन विभागों के प्रधान सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

खाद्य-उपोभोक्ता संरक्षण विभाग को अहम जिम्मेदारी

खास बात यह है कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को इस पूरे अभियान का ‘नोडल विभाग’ घोषित किया गया है। इस समूह की जिम्मेदारी राज्य में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी, प्रवासी श्रमिकों के हितों की रक्षा तथा संभावित आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समन्वित रणनीति तैयार करना एवं उसे लागू करना होगा।

30 मार्च को ‘क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप’ की पहली बैठक

क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की पहली बैठक 30 मार्च 2026 को शाम 4 बजे मुख्य सचिव, बिहार के कार्यालय कक्ष में आयोजित की जाएगी। इसके बाद शाम 5 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित होगी, ताकि राज्यभर में प्रभावी समन्वय स्थापित किया जा सके। आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में अन्य विभागों को भी इस समूह में शामिल किया जा सकेगा।

Share This Article