NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में बिहार से 3 गिरफ्तार, MBBS छात्र मास्टरमाइंड निकला

Neelam
By Neelam
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पेपर लीक की आशंका के चलते नीट यूजी 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गई है। राजस्थान में नीट गेस पेपर पर खुलासे के बाद जांच बढ़ी तो कई तथ्य सामने आए। नीट गेस पेपर की कड़ी सीकर से शुरू होकर केरल, महाराष्ट्र और उत्तराखंड के देहरादून तक जुड़ गई। अब इसके तार बिहार से जुड़ते दिख रहे हैं।

चेकिंग के दौरान पकड़े गए 3 लोग

पेपर लीक मामले में बिहार के नालंदा से गिरफ्तारियां की गईं। नीट परीक्षा में धांधली के केस में पावापुरी के सॉल्वर गैंग के शामिल होने का शक है। बिहार के नालंदा जिले के पावापुरी थाना पुलिस ने दो लग्जरी गाड़ियों स्कॉर्पियो-N और ब्रेजा से कई संदिग्ध दस्तावेज और आईडी कार्ड बरामद हुए। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया। 

पेपर लीक और सॉल्वर गैंग नेटवर्क के बीच लिंक

पुलिस के हत्थे चढ़े लोगों के नाम अवधेश कुमार, पंकज कुमार और अमन कुमार हैं। अवधेश कुमार विम्स कॉलेज में MBBS सेकेंड ईयर का छात्र है। इनसे पूछताछ के बाद कहा जा रहा है कि पेपर लीक और सॉल्वर गैंग नेटवर्क के बीच भी लिंक मिला है।  इस बात की पूरी उम्मीद है कि अब जांच का रुख पावापुरी और आसपास के इलाकों में सक्रिय सॉल्वर गैंग की तरफ होगा।

कई संदिग्ध दस्तावेज और आईडी कार्ड बरामद

राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह के मुताबिक नीट परीक्षा से पहले जिले में पुलिस अलर्ट मोड पर थी। रात के समय गाड़ी चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पावापुरी मोड़ के पास दो संदिग्ध गाड़ियों को रोका गया। पुलिस ने जब काले रंग की स्कॉर्पियो की जांच की तो उसमें बैठे युवक खुद को एमबीबीएस सेकंड ईयर का छात्र बताने लगे। तलाशी के दौरान गाड़ी से नकदी भी मिली. पूछताछ के लिए सभी को थाने लाया गया। इसके बाद जब पुलिस ने मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच की तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। पुलिस को मोबाइल में नीट समेत कई परीक्षाओं के एडमिट कार्ड, पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत और कई संदिग्ध चैट मिले।

असली अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाते थे

इसके आधार पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर, जमुई और औरंगाबाद समेत कई जिलों में छापेमारी की और पेपर लीक से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग एकत्र किए। पुलिस पूछताछ में अवधेश ने स्वीकार किया कि यह गिरोह असली अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाने का काम करता था। इसके लिए पहले 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे, जबकि पूरी डील 50 से 60 लाख रुपये तक में तय होती थी। 

सीबीआई कर रही पेपर लीक की जांच

बता दें कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी एक बार फिर विवादों में है। पेपर लीक के आरोपों के बाद पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है। सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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