डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मानिकपुर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक विशालकाय दंतैल हाथी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया है। जंगल के राजा कहे जाने वाले गजराज की इस तरह अचानक मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।
जांच में जुटी वन विभाग की टीम
हाथी की मौत की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आई और तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। हालांकि हाथी की मौत कैसे हुई, यह अभी भी एक गहरा रहस्य बना हुआ है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
हाथी के शरीर पर बाहरी चोट के निशान हैं या यह प्राकृतिक मौत है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। वन विभाग के अनुसार मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में डर और दुख का माहौल है। लोगों में इस बात की चर्चा है कि कहीं यह शिकारियों की साजिश तो नहीं?
ग्रामीणों में गहरा रोष और चर्चा
मानिकपुर और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों का मूवमेंट अक्सर बना रहता है। ऐसे में एक स्वस्थ दंतैल हाथी की अचानक मौत ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इसे वन्यजीवों के संरक्षण में बड़ी चूक मान रहे हैं।
वहीं वन विभाग का कहना है कि हम हर पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अगर इसमें किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वन विभाग की टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है और हाथी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया जारी है।

